अश्लील सीडी कांड में बर्खास्त शिक्षक बहाल

हरिद्वार। वर्ष 2007 में सुर्खियां बनने वाले गुरुकुल कांगड़ी विवि के अश्लील सीडी मामले में बर्खास्त किए गए दो शिक्षकों को फिर से बहाल कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर गुरुकुल कांगड़ी विवि प्रशासन ने दो शिक्षकों को फिर से ज्वाइनिंग दे दी है।
अश्लील सीडी कांड सामने आने के बाद गुरुकुल कांगड़ी विवि के कुलसचिव की ओर से ज्वालापुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही इस मामले में विभागीय जांच के लिए कमेटी बनाई थी। कमेटी ने दो स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर सहित चार कर्मियों को बर्खास्त करने की सिफारिश की थी। जिसके बाद विवि प्रशासन ने इन कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी थी। मामले में पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा था। पुलिस अश्लील सीडी तक को तलाश नहीं कर पाई।
थाने मेें अश्लील सीडी बनाने की रिपोर्ट लिखाने में जोश दिखाने वाले गुुरुकुल कांगड़ी विवि प्रशासन ने भी बाद में मामले की पैरवी में केवल औपचारिकता निभाई। सुबूतों के अभाव में कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया। विवि प्रशासन के मुताबिक हाईकोर्ट ने मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अरुण कुमार और गणित विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर मनोज कुमार की बर्खास्तगी को निरस्त करते हुए इन्हें फिर से बहाल करने का निर्देश दिया। मौजूदा सत्र से दोनों शिक्षकों ने फिर से विवि में सेवा देनी शुरू कर दी है।
यह था पूरा मामला
अगस्त 2007 में कन्या गुुरुकुल महाविद्यालय ज्वालापुर की एक शिक्षिका ने विवि प्रशासन ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके महाविद्यालय की एक अन्य शिक्षिका का अश्लील एमएमएस बनाया है। जिसकी सीडी भी बनाई गई है। आरोप विवि के दो स्थायी शिक्षकों सहित चार कर्मियों पर लगा। जिसके बाद कुलसचिव की ओर से कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विवि ने चारों कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी थी। तब पीड़ित बताई जाने वाली शिक्षिका भी नौकरी छोड़कर चली गई थी। गुुरुकुल जैसे प्रतिष्ठित और प्राचीन संस्थान से जुड़ा होने के चलते यह मामला खूब चर्चाआें में रहा था।
हाईकोर्ट के आदेशानुसार दोनों शिक्षकों को फिर से ज्वाइनिंग दे दी गई है। यह पुलिस केस बन गया था। इसमें हाईकोर्ट ने जो आदेश दिया है, उसका पालन किया गया है। – प्रो. एके चोपड़ा, कुलसचिव गुरुकुल कांगड़ी विवि हरिद्वार।

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