
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने विकास नगर दूनवैली में गलत तरीके से किए जा रहे खनन पर रोक लगाते हुए डीएम देहरादून, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग देहरादून को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष एवं न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। विकास नगर देहरादून निवासी रघुनाथ सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि विकास नगर दूनवैली में बिना केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति के नियमविरुद्ध तरीके से खनन किया जा रहा है। याचिकाकर्ता का कहना था कि खनन में 23 हजार घनमीटर के दोहन की अनुमति मिली थी। जबकि उक्त क्षेत्र में दो लाख से अधिक घनमीटर का दोहन कर सरकार को करोड़ों की हानि पहुंचाई है। पक्षों को सुनने के बाद खनन पर रोक लगाते हुए डीएम देहरादून, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग देहरादून को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए।
