अविश्वास प्रस्ताव पर बढ़ा विवाद

चंबा(गीता)जिला परिषद चंबा की भाजपा समर्थित अध्यक्ष को हटाने के लिए कांग्रेस समर्थक पार्षदों द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर भाजपा ने जिला प्रशासन को घेरा है। इस प्रस्ताव को चुनावों के समय जानबूझ कर जनता को प्रभावित करने के लिए उठाया गया कदम बताया गया है। साथ ही इसके लिए भाजपा की ओर से उसके पार्षदों की खरीद फरोख्त व उन्हें सोची समझी साजिश के तहत कांग्रेस के पक्ष में आने की अफवाहें उठाने का भी आरोप लगाया जा रहा है। इस मामले में भाजपा नेता जहां कांग्रेस के नेताओं व जिला के मंत्री को घेर रहे हैं, वहीं जिला प्रशासन पर भी सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगा रहे हैं। ज्ञात रहे कि कुछ दिनों पहले भाजपा समर्थित जिप अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इस पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 13 मार्च को इस पर चर्चा के लिए जिप की बैठक बुलाई थी। बताते चलें कि भाजपा के दो जिप सदस्यों के विधायक बनने के चलते खाली हुई दो सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस समर्थक पार्षदों की जीत दर्ज होने से जिप में भाजपा समर्थक पार्षदों की संख्या अल्पमत में है। हालांकि कांग्रेस में भी दो धड़े मौजूद होने के कारण अब तक जिप अध्यक्ष को चुनौती नहीं दी जा सकी थी, मगर अचानक अविश्वास प्रस्ताव आने से भाजपा खेमे में हलचल मची हुई है। फिलहाल आचार संहिता के चलते अविश्वास प्रस्ताव का मामला दो माह के लिए ठंडे बस्ते में जा सकता है। जिला प्रशासन ने इस मामले को चुनाव आयोग के समक्ष भेज रखा है। लिहाजा 13 मार्च की बैठक अब चुनाव आयोग के निर्णय पर निर्भर करेगी।
उधर, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष जयसिंह ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में इस मामले में प्रशासन पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए 13 मार्च की जिप की बैठक स्थगित न होने पर प्रदर्शन करने व उपायुक्त को काले झंडे दिखाने की बात कही है। जयसिंह ने बताया कि आम चुनावों के दौरान अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक बुलाकर आचार संहिता का उल्लंघन किया जा रहा है। इस बैठक का विरोध जताते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त संदीप कदम को शुक्रवार शाम को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कहा कि इसमें उन्होंने लोकसभा चुनावों तक इस बैठक को स्थगित करने की मांग की है।
इंसेट…….
चुनाव आयोग की मंजूरी से होगी बैठक: उपायुक्त
उपायुक्त संदीप कदम ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक की इजाजत के लिए जिला प्रशासन आचार संहिता लगने के बाद ही चुनाव आयोग को लिख चुका है। उन्होंने कहा कि अभी तक आयोग की तरफ से कोई निर्देश नहीं आया है। बैठक चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद ही होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की शिकायत से पहले ही चुनाव आयोग को लिखा जा चुका था।

Related posts