अलर्टः दिल्ली, महाराष्ट्र में माओवादी ग‌ति‌‌विधि तेज

माओवादी नेता प्रशांत राही की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में जगह-जगह हार्डकोर वामपंथियों की कुंडली टटोल रही है।

उग्र वामपंथी विचारधारा से प्रेरित अल्मोड़ा निवासी जेएनयू का छात्र हेम मिश्रा हरिद्वार जेल में बंद हार्डकोर वामपंथी नेता प्रशांत राही और अनिल चौड़ाकोटी से मिलने आता था।

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जेल में करता था मुलाकात
प्रशांत राही और अनिल चौड़ाकोटी दोनों हरिद्वार जेल में वर्ष 2009 से 2011 के बीच बंद थे। इस दौरान हेम मिश्रा कई बार हरिद्वार मुलाकात करने आया था।

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खुफिया सूत्रों के मुताबिक अल्मोड़ा निवासी हेम मिश्रा के प्रशांत राही और दूसरे हार्डकोर वामपंथियों से रिश्ते नए नहीं हैं। हेम मिश्रा जिला कारागार में बंद रहे प्रशांत राही और अनिल चौड़ाकोटी से मुलाकात करने आया करता था।

माओवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप
अनिल चौड़ाकोटी वर्ष 2009 से 2011 तक हरिद्वार जेल में रहा। जबकि, प्रशांत राही वर्ष 2011 के आखिरी दौर में हरिद्वार लाया गया था। प्रशांत राही और उनकी पत्नी को वर्ष 2008 में हल्द्वानी से गिरफ्तार किया गया था।

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दोनों पर माओवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। हाल ही में जेएनयू के छात्र हेम मिश्रा को गढ़चिरौली में महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

पुलिस खंगाल रही कुंडली
हेम मिश्रा से मिले सुरागों के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने प्रशांत राही को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रशांत राही सहित दूसरे माओवादी विचारकों से हेम मिश्रा की मुलाकात हल्द्वानी से ही हो गई थी।

तभी से हेम मिश्रा हार्डकोर वामपंथ की ओर झुकने लगा था। हेम मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद खुफिया विभाग हरिद्वार जनपद के हार्डकोर कम्प्युनिस्टों की भी कुंडली खंगाल रही है।

प्रशांत राही 14 दिन की रिमांड पर
माओवादी गतिविधियों में फिर सक्रिय होने के आरोप में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से गिरफ्तार किए गए प्रशांत राही को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इसके अलावा, हेम मिश्रा की भी रिमांड बढ़ाकर 14 दिन कर दी गई है।

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पुलिस और खुफिया एजेंसियों को उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं जिसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

मंगलवार को उनकी पैरवी के लिए उत्तराखंड के कुछ अन्य फ्रंटल संगठनों से जुड़े लोग भी गढ़चिरौली पहुंच गए हैं। वहीं, स्थानीय खुफिया एजेंसियों ने उनसे जुड़े लोगों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।

दिल्ली में क्या हुआ
पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस बात से चिंतित हैं कि माओवाद की दृष्टि से अतिसंवेदनशील माने जाने वाले गढ़चिरौली में प्रशांत राही और हेम मिश्रा सहित उत्तराखंड से जुड़े तमाम वामपंथियों की गतिविधियां अचानक क्यों तेज हो गईं। एजेंसियां 30 अगस्त को प्रशांत राही के साथ दिल्ली में मौजूद लोगों का भी पता लगाने में जुटी हैं।

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