अलग-थलग पड़े ढुंगमंदार के 27 गांव

नई टिहरी। आपदा के बाद से ढुंगमंदार पट्टी के 27 गांव अलग थलग पड़ गए हैं। गांवों में खाने-पीने और रसोई गैस नहीं पहुंच पा रही है। ग्रामीण सेंदुल पुल ठीक होने के इंतजार में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 12 दिन बाद भी लोनिवि ने क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत की दिशा में काम शुरू नहीं किया है। क्षेत्र के ज्येष्ठ प्रमुख दयाल सिंह रावत, सरस्वती रावत, गोविंद लाल ने बताया कि जाखणीधार प्रखंड के ढुंगमंदार पट्टी को जोड़ने वाला सेंदुल-प्रतापनगर मार्ग के सरांसगांव में बना पुल के 16 जून को हुई बारिश से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिससे ढुंगमंदार 27 गांव सहित धारमंडल, रैका और प्रतापनगर के गांव में आवाजाही की समस्या बनी हुई है। रास्ता बंद होने से क्षेत्र में राशन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीण एक-दूसरे से राशन उधार में लेकर काम चला रहे हैं।

आजीविका भी तहस-नहस
नई टिहरी। बारिश ने ढुंगमंदार क्षेत्र के ग्रामीणों की आजीविका का मजबूत आधार कृषि को भी बहस-नहस कर दिया है। मंदार से लेकर घोंटीगाड़ तक उफनाते गदेरे से कई हेक्टेयर भूमि बह गई। ग्रामीण रेत के ढेर में तब्दील हुई बेशकीमती जमीन में फिर से उम्मीदें तलाशने में जुटने लगे हैं। कस्तलगांव भूस्खलन से कई परिवार खतरे की जद में हैं। ग्रामीणों ले उन्हें अन्य घरों में शरण दे रखी है।

संपर्क मार्ग बंद होने से बढ़ी परेशानियां
नई टिहरी। देवप्रयाग प्रखंड के श्रीकोट पैन्यूला में रास्ता बंद होने से रसद की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिससे गांव में संकट गहराने लगा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य अवतार सिंह चंद ने बताया कि गांव को जाने वाला माल्डा से पैन्यूला पैदल मार्ग बारिश की भेंट चढ़ गया है।

Related posts