अमर उजाला ने पहुंचाई पिंडर और केदारघाटी में मदद

जलप्रलय से सर्वाधिक पीड़ित पिंडर और केदारघाटी में अमर उजाला फाउंडेशन की टीम ने पहुंच कर राहत सामग्री बांटी। नारायणबगड़ के लोगों के लिए राहत सामग्री लेकर अमर उजाला फाउंडेशन की टीम बुधवार को यहां पहुंची।

टीम के सदस्यों ने करीब दो सौ प्रभावितों को राहत सामग्री बांटी। यहां 45 घर और तकरीबन सौ दुकानें पूरी तरह से तबाह हो गई हैं। गनीमत यह रही कि यहां कोई जनहानि नहीं हुई है।

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अमर उजाला फाउंडेशन की टीम दुर्गम रास्तों से होते हुए दोपहर करीब एक बजे नारायणबगड़ पहुंची। यहां पर हुई तबाही को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। यहां का पुराना बाजार पुरी तरह से तबाह हो गया है। अब तक तो लोग स्कूलों में शरण ले रहे हैं, लेकिन स्कूल खुलने के बाद वे कहां जाएंगे, उन्हें पता नहीं है।

केदारघाटी में बांटी राहत सामग्री
अमर उजाला फाउंडेशन ने रुद्रप्रयाग जिले के केदार घाटी के पूरी तरह से तबाह गांव चंद्रापुरी में प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित की। अमर उजाला फाउंडेशन इस गांव में सबसे पहले पहुंची।

उल्लेखनीय है कि यहां पहुंचने के लिए कोई सड़क मार्ग नहीं है। यहां पहुंचने के लिए बांडवाड़ा से पहाड़ ही एक मात्र रास्ता है। फाउंडेशन की टीम 8 किलोमीटर पहाड़ी का रास्ता तय करके चंद्रापुरी पहुंची। यहां करीब 67 घर थे जिनमें से 63 घर पूरी तरह से मंदाकिनी में समा गए हैं।

इसी तरह से दुकान, खेल का मैदान, स्कूल, मंदिर, पटवारी चौकी, पशु चिकित्सालय, जी.एम.वी.एन का गेस्ट हाउस और झूलापुल को मंदाकिनी की लहरें लील गई हैं। यहां से लोगों के साथ ले जाकर फाउंडेशन की टीम ने बांसवाड़ा में उन्हें राहत सामग्री दी।

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