
जुखाला (बिलासपुर)। जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर करोट और इससे सटे इलाकों में लोड बढ़ने पर अब बिजली गुल नहीं होगी। बिजली की समस्या से निजात दिलाने के लिए बिजली बोर्ड का अमला शनिवार को गांव पहुंच गया है। ‘अमर उजाला’ में समाचार प्रकाशित होते ही शनिवार को बोर्ड के अधिकारी टीम के साथ पहुंचे। बिजली आपूर्ति दुरुस्त की। इससे ग्रामीणों में खुशी की लहर है। बोर्ड के अनुसार अब इलाके में बिजली की दिक्कत नहीं होगी।
जुखाला विद्युत अनुभाग के तहत करोट ट्रांसफार्मर से करोट, फखरेड़ा, डोबा, डंगार और जबल के लगभग 300 परिवारों को बिजली सप्लाई हो रही है। ग्रामीणों का आरोप था कि ट्रांसफार्मर का सही रखरखाव नहीं होने की वजह से यह समस्या आ रही है। फ्यूज के लिए ट्रांसफार्मर में किटकेट तक नहीं लगे हैं। गांवों के लिए जा रही बिजली तारों के इर्द-गिर्द पेड़ों की टहनियां है। इन्हें काटने की जहमत नहीं उठाई जा रही है। तारें मिल जाने से शॉट सर्किट की वजह से फ्यूज उड़ जाता है। शनिवार के अंक में ‘अमर उजाला’ ने ‘2500 की आबादी पर बिजली संकट’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से समस्या उठाई। समाचार प्रकाशित होते ही सुबह बिजली बोर्ड की टीम मौके के लिए रवाना हुई। खामियों को दूर करने के लिए सर्वे हुआ। तारों के इर्द-गिर्द टहनियों को काटा गया। जबकि ट्रांसफार्मर की भी चेकिंग हुई। बोर्ड ने करोट और फखरेड़ा के लिए अलग से सप्लाई की है। 35 एमएम की केबल बिछाकर लोड झेलने की क्षमता को बढ़ाया गया। ताकि अधिक लोड होने पर यहां बिजली संकट न हो। करोट के लिए सिंगलफेस का कनेक्शन हटाकर डबलफेस से दिया गया है। इससे अब कम वोल्टेज की भी यहां समस्या नहीं रहेगी। ग्रामीण श्याम लाल ने समस्या उठाने के लिए ‘अमर उजाला’ का धन्यवाद किया।
विभाग के कनिष्ठ अभियंता डीएस चंदेल ने कहा कि आज वह स्वयं कर्मचारियों सहित मौके पर गए थे। तारें बदली गई है। इसके अलावा अन्य समस्याओं का भी शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फखरेड़ा में नया ट्रांसफार्मर लगाने के बाद और फायदा होगा।
