
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। अपने ही हाथों से कथित तौर पर बेटे को मारने की आरोपी महिला रेणु का इलाज टांडा अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि टांडा अस्पताल में सर्जरी के बाद उसके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। लेकिन अभी तक वह बोलने की स्थिति में नहीं है। पुलिस भी उसके ठीक तरह से स्वस्थ होने का इंतजार कर रही है, ताकि उसके बयान दर्ज किए जा सकें। इधर, अभिषेक की मौत के बाद से ही बढल गांव में मातम पसरा हुआ है। हरेक शख्स यही सवाल कर रहा है कि एक मां इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है?
आरोपी महिला की मानसिक स्थिति कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी। उसका इलाज भी चल रहा था। इस वारदात के बाद से ही इलाका निवासी स्तब्ध हैं। करीब डेढ़ साल पहले इसी तरह की एक मिलती जुलती घटना जिला हमीरपुर के नादौन के निकट बने ब्यास पुल पर अंजाम दी गई थी। उस समय भी एक मां ने अपनी तीन साल की बेटी को पुल से ब्यास नदी में फेंक दिया था तथा स्वयं भी छलांग मारकर अपनी जान दे दी थी। उस वक्त भी लोगों के जहन में यही सवाल पैदा हुए थे। डीएसपी बीडी भाटिया ने बताया कि पुलिस महिला के स्वस्थ होने का इंतजार कर रही है। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। पुलिस मामले की जांच हर पहलू को ध्यान में रखकर कर रही है।
