अब हिमाचल तैयार करेगा इंटरनेशनल जूस

शिमला

परवाणू सयंत्र का किया जाएगा आधुनिकीकरण

परवाणू सयंत्र का किया जाएगा आधुनिकीकरण

अपने रंग और मिठास के लिए देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में मशहूर हिमाचली सेब से अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का जूस भी तैयार होगा। हिमाचल प्रदेश विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) ने अंतरराष्ट्रीय मार्केट में हिमाचली सेब के जूस को अलग पहचान दिलाने के लिए परवाणू स्थित फल प्रसंस्करण संयंत्र के आधुनिकीकरण का काम शुरू कर दिया है।

परवाणू प्रोसेसिंग यूनिट में अभी तक बैंच प्रोसेसिंग तकनीक से सेब का जूस तैयार किया जाता था, लेकिन यूनिट के आधुनिकीकरण के बाद अब बेल्ट प्रोसेसिंग सिस्टम से जूस तैयार होगा। नई तकनीक का इस्तेमाल कर सात किलो सेब से एक लीटर जूस तैयार होगा। अब तक प्लांट में 12 किलो सेब से एक लीटर जूस तैयार होता है।

अल्ट्रा फिल्ट्रेशन यूनिट से होगी जूस की सफाई

अल्ट्रा फिल्ट्रेशन यूनिट से होगी जूस की सफाई

सेब से बनने वाले जूस की सफाई के लिए प्रोसेसिंग प्लांट में अल्ट्रा फिल्ट्रेशन यूनिट स्थापित की जाएगी। अभी तक परंपरागत तरीके से जूस की सफाई की जाती है। प्लांट के क्वालिटी कंट्रोल लैब का भी आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अभी तक पुरानी मशीनों से ही जूस की क्वालिटी जांची जाती थी।

एचपीएमसी के प्रोसेसिंग प्लांट में नया कोल्ड स्टोर बनाया जाएगा। प्लांट में पहुंचने वाले सेब और जूस को कोल्ड स्टोर में रखा जाएगा। आधुनिक कोल्ड स्टोर में रखे उत्पाद अधिक समय तक ताजा रहेंगे। वहीं, प्रोसेसिंग प्लांट के आधुनिकीकरण के बाद सेब कनवेइंग सिस्टम के जरिये प्लांट तक पहुंचेगा।

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