
अल्मोड़ा। भारत सरकार से मिले निर्देशों के बाद राज्य में शिक्षक शिक्षा (प्रशिक्षण) संस्थानों का पुनर्गठन कर दिया गया है। अब हर एक ब्लाक में एक-एक ब्लाक शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (बायट) भी खोले जाएंगे। शुरू में प्रयोग के तौर पर राज्य में तीन बायट खोले जा रहे हैं। इसके अलावा राज्य में तीन और डायट खोले जा रहे हैं। जिससे इनकी संख्या बढ़ कर 13 हो जाएगी। एससीईआरटी के साथ ही डायट और ब्लाक स्तर पर खोले जाने वाले बायट में अकादमिक पदों के लिए अलग संवर्ग गठित कर दिया गया है। अब जिला प्रशिक्षण संस्थानों में उच्च योग्यताधारी शिक्षक ही तैनात किए जा सकेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी कर दिया है। इस व्यवस्था से शिक्षकों को अपने ही ब्लाक में ट्रेनिंग की सुविधा मिल जाएगी।
भारत सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण की वर्तमान स्थिति और एनसीईआरटी नई दिल्ली की विस्तृत रिपोर्ट 2009 को ध्यान में रखते हुए नई शिक्षक शिक्षा योजना के प्रारूप को मंजूरी दी है। नए प्रारूप पर विचार-विमर्श के बाद भारत सरकार ने सभी राज्यों में समान शिक्षक शिक्षा योजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके मुताबिक प्रदेश की शिक्षा सचिव मनीषा पंवार ने हाल में शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश के मुताबिक राज्य में एससीईआरटी के साथ ही डायट और ब्लाक स्तर पर खोले जाने वाले बायट में अकादमिक पदों के लिए अलग संवर्ग गठित कर दिया गया है। राज्य में बाद में बने जिलों बागेश्वर, चंपावत और रुद्रप्रयाग में अब तक मिनी डायट थे। तीनों जिलों में अब डायट खोलने के आदेश जारी हो चुके हैं। भविष्य में राज्य के सभी ब्लाकों में एक-एक बायट खुलेंगे। शुरुआत में बागेश्वर, ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार जिले के एक-एक ब्लाक में प्रयोग के तौर पर बायट खोले जा रहे हैं।
शिक्षक शिक्षा के अलग संवर्ग के मुताबिक प्रदेश के डायटों में अब एक प्राचार्य, छह वरिष्ठ प्रवक्ता, 17 प्रवक्ता, एक-एक कार्यानुभव शिक्षक, तकनीकी सहायक, सांख्यिकीकार और पुस्तकालयाध्यक्ष पदों को स्वीकृति दी गई है। जबकि ब्लाक स्तर पर खोले जा रहे संस्थानों में प्राचार्य, प्रवक्ता, सेमी प्रोफेशनल असिस्टेंट और शोध सहायक नियुक्त होंगे। शासनादेश के मुताबिक इन संस्थानों में तैनात होने वाले प्रवक्ताओं से लेकर प्राचार्य पदों के लिए स्नातकोत्तर में 55 प्रतिशत अंकों के साथ पीएचडी, नेट, सेट, एमफिल और एमएड (इनमें कोई एक) अनिवार्य कर दिया गया है। कार्यानुभव शिक्षक के लिए भी स्नातकोत्तर में 55 प्रतिशत अंकों के साथ बीएड अथवा अन्य संबंधित व्यवसायिक डिग्री जरूरी होगी। एससीईआरटी ढांचे का भी पुनर्गठन कर दिया गया है और वहां भी उच्च योग्यता वाले प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और अन्य शिक्षक नियुक्त होंगे।
