अब स्कूल उठाएंगे इंटरनेट का खर्च

शिमला (वीरेन्द्र खागटा ) हिमाचल के स्कूलों में चल रही आईटी और आईसीटी लैब की मरम्मत और इंटरनेट का खर्च स्कूलों को खुद उठाना होगा। पहले की तरह विभाग स्कूलों में लैब के रखरखाव का काम निजी कंपनी को नहीं देगा। अब स्कूल अपने स्तर पर ही खर्च को वहन करेगा। इससे स्कूल किसी फंड के तहत मिलने वाली ब्याज राशि से इस काम को करवा सकेंगे। इसके तहत हिमाचल के स्कूलों को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) के तहत हर साल 50 हजार रुपये की राशि मिलेगी। स्कूलों में आईटी लैब के बेहतर संचालन के लिए इस फंड का इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। इसमें किसी तरह की कोताही या शिकायत आने पर स्कूल के प्रिंसिपल की जवाबदेही होगी।
प्रदेश के स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा के लिए आईटी और आईसीटी लैब का निर्माण किया है। इससे पहले प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को दी जा रही कंप्यूटर शिक्षा के लिए बनी लैब का रखरखाव निजी कंपनी को सौंपा जाता था। स्कूलों में इंटरनेट से लेकर अन्य सुविधाओं का भुगतान स्कूल को करना होगा। इससे पहले विभाग को बिल दिए जाते थे, विभाग अपने स्तर पर ही इन बिलों का भुगतान करता था।
निदेशक उच्च शिक्षा शशि भूषण सेखरी ने बताया कि स्कूलों में आईटी लैब बेहतर तरीके से चले और बच्चे कंप्यूटर शिक्षा अच्छी हासिल कर सके, इसलिए सभी स्कूलों को लैब के रखरखाव और इंटरनेट बिलों को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं।

Related posts