
सांगला (किन्नौर)। जिला के मुख्य पर्यटन स्थल सांगला में लोगों की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब तो आलम यह हो गया है कि रसोई गैस की आपूर्ति न होने के कारण स्कूलों में मिड-डे मील पर भी संकट खड़ा हो गया है। सांगला तहसील में बीस प्राथमिक स्कूल और सात माध्यमिक पाठशालाएं हैं।
15 जून को हुई भारी बारिश के चलते सांगला देश और दुनिया से पूरी तरह से कटा हुआ है। सड़क मार्ग बंद होने के कारण क्षेत्र के लिए जरूरी सामान की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके चलते अब इन स्कूलों में मिड-डे मील पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं, आम लोगों के अलावा यहां दूसरे जिलों से काम करने पहुंचे लोगों को भी भारी परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। क्षेत्र के एक मात्र पेट्रोल पंप में भी डीजल और पेट्रोल खत्म हो चुका है। इससे यहां सैकड़ों वाहनों के पहिये थम गए हैं। इधर, क्षेत्र के लोगों में पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष जोगिंद्र चांडकुम, ग्राम विकास कमेटी सांगला के महासचिव अधिवक्ता प्रविंद्र नेगी, देवी क्लब सांगला के अध्यक्ष भूपेश नेगी, प्रधान रकछम टीकम नेगी, प्रधान छितकुल मुकेश नेगी, बूथ अध्यक्ष चांसु बीरबल नेगी सहित अन्य लोगों का कहना है कि जल्द मार्ग बहाल किया जाए। इन लोगों का कहना है कि सरकार को चाहिए था कि बरसात से पहले सांगला में खाद्य सामग्री और रसोई गैस का भंडारण किया जाता। प्राथमिक शिक्षक संघ खंड कल्पा के अध्यक्ष मस्तराम का कहना है कि स्कूलों में रसोई गैस सिलेंडर सहित खाद्य सामग्री का संकट खड़ा हो गया है। अब तो मिड-डे-मील का खाना बनाने के लिए भी भारी दिक्कत हो रही है। डीएफसी किन्नौर जेएस वर्मा का कहना है कि कड़छम के पास रसोई गैस और राशन स्टोर किया गया है। इसे सांगला भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
