
मलोखर (बिलासपुर)। बिलासपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में आतंक का पर्याय बनते जा रहे तेंदुओं की गुर्राहट अब सुईं सुरहाड़ पंचायत में भी सुनाई देने लगी है। पंचायत के सुईं गांव में गत रविवार शाम एक तेंदुए ने मवेशीखाने में बंधी तीन बकरियों को अपना शिकार बना डाला। इससे गांव में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार सुईं सुरहाड़ पंचायत के सुईं गांव का रहने वाला कर्मचंद व परिवार के अन्य सदस्य गत रविवार दोपहर बाद के समय पशु चारा लाने घासणी में गए थे। इसी दौरान एक तेंदुआ मवेशीखाने में घुस गया। गौशाला में बैलों के साथ ही पांच बकरे-बकरियां बंधे थे। तेंदुए ने एक-एक करके तीन बकरियों को अपना शिकार बनाया। उन्हें बारी-बारी से मवेशीखाने से बाहर लाकर वह कुछ ही दूरी पर उन्हें मौत के घाट उतारता रहा। शाम करीब पांच बजे जब परिवार के सदस्य वापस लौटे तो गौशाला से तीन बकरियां नदारद देख वे हैरान रह गए। ढूंढने पर तीनों बकरियां कुछ ही दूरी पर मृत पाई गईं। तेंदुए ने उन्हें मार डाला था।
सूचना मिलने पर पंचायत प्रधान कांता ठाकुर व वार्ड मेंबर सीताराम ठाकुर भी वहां पहुंचे। उन्होंने पशु पालन विभाग के चिकित्सक को बुलाने के साथ ही फारेस्ट गार्ड को भी सूचित किया। वार्ड मेंबर सीताराम ने बताया कि दो दिन पहले ही गांव से एक पालतू कुत्ता गायब हो गया था। उस समय किसी को भी ऐसा आभास नहीं हुआ था कि कुत्ते को किसी तेंदुए ने मारा हो। अब तीन बकरियों के मारे जाने से साफ हो गया है कि गांव में तेंदुआ सक्रिय हो गया है। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। तेंदुए को पकड़ने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं।
