
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल में शिशुओं का उपचार अब आधुनिक तकनीक से होगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने सिक चाइल्ड केयर यूनिट (एससीसीयू) स्थापित की है। इसमें अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों के माध्यम से जन्म लेने के बाद बच्चों को पीलिया, अकड़न और अन्य जटिल बीमारी का समाधान जिला अस्पताल में हो सकेगा।
इस यूनिट पर 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सिक चाइल्ड केयर यूनिट में बीमार शिशुओं का इलाज किया जाएगा। पहले यह सुविधा अस्पताल में नहीं थी। गंभीर हालत में शिशुआें को उपचार के लिए टांडा मेडिकल कालेज रेफर किया जाता था। कई बार तो मौके पर स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने के कारण बच्चों की मौत भी हो जाती थी। जन्म से बीमार बच्चों का इसके माध्यम से इलाज किया जाएगा। वहीं, 24 घंटे बीमार शिशु स्टाफ नर्स की देखरेख में रहेंगे। बच्चाें की तबीयत बिगड़ने पर बच्चों का उचित उपचार किया जाएगा। जन्म लेने के बाद अकसर बच्चे पीलिया की चपेट मेें आ जाते हैं। इस कारण शिशुआें का मौके पर उपचार न किया जाए तो बच्चों की मौत की आशंका बनी रहती है। केयर यूनिट स्थापित करने के लिए अस्पताल प्रशासन काफी समय से प्रयास कर रहा था।
उधर, एमएस डा. राकेश शर्मा ने बताया कि शिशुओं को बीमारी से बचाने के लिए सिक चाइल्ड केयर यूनिट शुरू की गई है। इसमें पीलिया, अकड़न और अन्य बीमारियों का इलाज किया जाएगा। इससे पहले इन बीमारियों के इलाज के लिए शिशुओं को टांडा मेडिकल कालेज रेफर करना पड़ रहा था।
