
नई दिल्ली

दिल्ली एम्स की नई ओपीडी में स्मार्ट लैब की व्यवस्था, एक ही दिन में रिपोर्ट-सलाह भी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने ओपीडी ब्लॉक का किया औपचारिक उद्घाटन
बुजुर्ग मरीजों के लिए फिजियोथैरेपी और अलग से ओपीडी ब्लॉक के साथ देश का पहला सरकारी अस्पताल बने दिल्ली एम्स में अब एक ही दिन में चिकित्सीय सलाह और ब्लड जांच रिपोर्ट प्राप्त हो सकेगी।
दिल्ली एम्स ने नए ओपीडी ब्लॉक में स्मार्ट लैब की शुरूआत की है। बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने राजकुमारी अमृता कौर ओपीडी ब्लॉक का औपचारिक उद्घाटन किया।
यह ओपीडी ब्लॉक इसी साल फरवरी माह में शुरू किया गया था लेकिन कोरोना महामारी के चलते मार्च से यहां ओपीडी बंद थी। कुछ ही समय पहले एम्स ने सीमित मरीजों के लिए फिर से ओपीडी व्यवस्था शुरू की है। आठ मंजिला ओपीडी ब्लॉक में स्मार्ट लैब है जहां सैंपल देने के 90 मिनट में प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके अलावा ब्लड सैंपल को 48 घंटे तक सुरक्षित रखा जा सकेगा ताकि दोबारा जांच की जरूरत पडने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके।
एम्स प्रबंधन के अनुसार एक दिन में दो लाख सैंपल की क्षमता वाली इस लैब में कम से कम 10 हजार मरीजों को उसी दिन रिपोर्ट उपलब्ध करा सकती है। अभी इस लैब में 100 पैरामीटर पर जांच हो रही है जोकि आगामी दिनों में 270 तक बढ़ाए जा सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने दिल्ली एम्स की इस कामयाबी पर बधाई देते हुए कोरोना महामारी में स्वास्थ्य कर्मचारियों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वायरस को लेकर भारत के हालात हर दिन सुधर रहे हैं।
एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि इसी साल 9 फरवरी को ओपीडी का नया ब्लॉक शुरू किया गया था लेकिन लॉकडाउन के वक्त ओपीडी पर रोक लगाई गई थी। मस्जिद मोठ इलाके के नजदीक ओपीडी ब्लॉक में प्रतिदिन 15 हजार मरीजों के आने की व्यवस्था है। इसी ब्लॉक के पास में ही पार्किंग सुविधा भी है।
यहां न्यूक्लियर मेडिसिन और आपातकालीन विभाग को लेकर भी सुविधा शुरू होगी। यहां 270 कमरे, 13 छोटे ऑपरेशन थियेटर, 50 प्रोसीजर रूम, 18 विभाग, 85 काउंटर, एक हजार मरीजों का वेंटिंग एरिया हर फ्लोर पर, पूरी इमारत में वाईफाई, इत्यादि की सुविधा है।
