अफसर गैरहाजिर, फरियादियों ने काटा हंगामा

थराली। तहसील दिवस में अधिकारियों के नहीं आने पर फरियादियों ने जमकर हंगामा काटा। प्रशासन के खिलाफ लोगों के प्रदर्शन के बाद तहसीलदार ने शिकायतें सुनीं।
वाण के किशन दानू, खेता मानमती के राजेंद्र दानू, मुंदोली के लक्ष्मण सिंह, घेस के चंद्र सिंह आदि ने कहा कि आपदा से प्रभावित लोग तहसील दिवस में जिला स्तरीय अधिकारियों को समस्याएं बताने आए थे, लेकिन सुबह नौ से 12 बजे तक कोई अधिकारी शिकायतें सुनने नहीं पहुंचे। आपदा राहत आयुक्त वी. षणमुगम और एसडीएम विवेक प्रकाश दोनों कार्यालय में मौजूद थे, लेकिन वे बिना शिकायत सुने 12 बजे ग्वालदम रवाना हो गए। इससे गुस्साए लोगों ने तहसील सभागार में प्रदर्शन किया। बाद में हंगामा बढ़ता देख तहसीलदार परमानंद राम ने 34 शिकायतें सुनी, लेकिन तब तक अधिकतर फरियादी वापस लौट गए।

तहसील दिवस में छह शिकायतें दर्ज
पोखरी/कर्णप्रयाग। तहसील दिवस पर छह शिकायतें दर्ज हुई। ग्राम पंचायत रौता के शिवराज सिंह पंवार ने गांव के पैरखाल तोक में आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग के सुधारीकरण की मांग की। देवस्थान निवासी विशंबर दत्त सती ने गांव में आपदा के दौरान हुए काश्तकारों के नुकसान का आंकलन नहीं होने की बात कही। बमोथ गांव निवासी बैशाखू लाल ने पीएमजीएसवाई के तहत निर्मित मोटर मार्ग से आए मलबे से भवन क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की। तहसीलदार बीरबल सिंह मंडागी ने अधिकारियों को समस्या निपटाने के निर्देश दिए। दूसरी ओर, कर्णप्रयाग तहसील दिवस में मुख्य बाजार के निर्माणाधीन पुल से प्रभावित हुए दुकानदारों के विस्थापन का मामला उठाया गया। व्यापार संघ उपाध्यक्ष बृजेश बिष्ट के नेतृत्व में व्यापारियों ने कहा कि यदि व्यापारियों को नगर पंचायत द्वारा पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुरूप दुकानों का आवंटन नहीं किया, तो व्यापारी आंदोलन करेंगे। इस मौके पर तहसीलदार प्रकाश शाह, पुष्कर सिंह, भुवन डिमरी, बलवीर चौहान, कुंवर सिंह, मुकेश, जयवीर आदि उपस्थित थे।

Related posts