
भीमताल। अपराध की सजा सिर्फ कानून नहीं कुदरत भी सुनाती है। इसीलिए मां की सजा उसके बच्चे ने भुगती और पिंजरे में कैद होकर बच्चा पहुंच गया ‘कैदखाने’ में। जिस तेंदुए ने मल्लासूर्या गांव में अपनी दहशत फैला रखी है, जो इंसानों पर हमला कर एक के बाद एक गुनाह किए जा रहा है उसी बेजुबान मगर हिंसक तेंदुए का पांच साल का शावक बुधवार को पिंजरे में फंस गया। मां पिंजरे के इर्द-गिर्द हाथ-पांव मारती रही लेकिन वह बच्चे को नहीं छुड़ा पाई। जंगलात को शावक के मैनईटर होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं, पर माना जा रहा है कि जिस तेंदुए ने बीते दिनों एक युवती पर हमला किया वो यही है।
मल्ला सूर्यागांव में बीते दिनों तेंदुए ने प्रेम राम की बेटी गीता (18) पर हमला किया था लेकिन गीता के शोर मचा देने पर वह भाग निकला था। तभी से गांव में तेंदुए की दहशत है। इससे पूर्व यह वन्यजीव कई पशुओं को मार चुका है। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया था। मंगलवार रात पिंजरे में उसका शावक फंस गया।
मनोरा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी मुकुल शर्मा ने बताया कि तेंदुए की उम्र पांच साल के करीब है और वह मादा है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ्य है और इसके मैनईटर होने के संकेत नहीं हैं। शावक को नैनीताल स्थित चिड़ियाघर भेज दिया गया है। इधर, ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार सुबह जिस स्थान पर पिंजरे में तेंदुए का बच्चा फंसा था वहां एक मादा तेंदुआ काफी देर तक पिंजरे के चक्कर काटते हुए दहाड़ती रही। जिसे ग्रामीणों ने पथराव कर भगाया और सूचना जंगलात को दी। गांव के लोगों का मानना है कि बच्चे के पकड़े जाने के बाद उसकी मां और हिंसक हो सकती है। इसीलिए सुरक्षा के ठोस प्रबंध होने चाहिए।
