
पधर (मंडी)। स्वरोजगार के लिए छोटा-मोटा धंधा अपनाने वाले दुकानदारों की आर्थिकी दिन-ब-दिन बढ़ रही महंगाई और सरकार की टैक्स प्रणाली ने बिगाड़ दी है। नित नई नीतियों से कारोबारी मुश्किल में हैं। अब प्लास्टिक पैकिंग पर प्रतिबंध लगने वाला है। इससे व्यापारियों की मुसीबतें और बढ़ने वाली हैं। दूध से लेकर अन्य सामग्री प्लास्टिक पैकिंग में आ रही है। व्यापारियों का कहना है इन पर प्रोडक्ट तैयार करनी वाली कंपनी स्तर पर ही प्रतिबंध लगना चाहिए।
पधर बाजार में करीब 350 छोटे और बड़े व्यापारी वैट टैक्स के ऑनलाइन होने और अन्य समस्याओं से काफी परेशान हैं। प्लास्टिक पैकिंग उत्पादों की बिक्री पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने को लेकर छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा चिंतित हैं। सरकार की ओर से नेशनल हाईवे के किनारे बसे पधर बाजार में लेबर एक्ट के तहत एक दिन के अवकाश के फरमान भी लागू कर दिए हैं। बाजार में सफाई से लेकर स्ट्रीट लाइटों का खर्चा व्यापार मंडल वहन कर रहा है। व्यापार मंडल पधर के प्रधान लाभ सिंह ठाकुर का कहना है कि व्यापार बेरोजगारी को कम करने का सबसे अच्छा साधन है। यह वर्ग महंगाई की मार को झेलते हुए कई प्रकार की व्यवस्थाओं में सरकार का सहयोग कर रहा है, लेकिन इस वर्ग को सरकार की ओर से कोई भी राहत प्रदान नहीं की जा रही। व्यापारी लेखराज शर्मा का कहना है कि वैट में व्यापारी वर्ग को छूट मिलनी चाहिए। लंबे समय से व्यापारी वैट टैक्स में छूट की मांग कर रहे हैं तथा सरकार को इसमें उदारीकरण की नीति अपनानी चाहिए।
किरण चौहान का कहना है कि टैक्स प्रणाली में सरल नीति का होना जरूरी है। व्यापारी महेंद्र बाबा और केशव राम ने बताया कि व्यापारी वर्ग देश की आर्थिकी की रीढ़ हैं। देश के विकास में व्यापारी वर्ग का रोल सबसे अहम है, लेकिन व्यापारियों को सरकार की ओर से किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिल रही है। वीरेंद्र चौहान, खजाना राम ने सरकार से वैट सहित अन्य प्रकार के टैक्स प्रणाली में उदारीकरण की मांग की है। उन्होंने स्ट्रीट लाइटों और सफाई व्यवस्था के साथ बाजार में सार्वजनिक शौचालयों की भी मांग है।
