अनुबंधकर्मी खाद्य सुरक्षा दायरे से बाहर

शिमला। हिमाचल में 20 हजार से ज्यादा अनुबंध कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा के दायरे में नहीं लाया जाएगा। ये नियमित कर्मचारियों की तरह ही फूड सेफ्टी ऑर्डिनेंस के दायरे से बाहर रहेंगे। पंजीकृत ठेकेदारों के परिजनों को भी खाद्य सुरक्षा विधेयक का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, ये एपीएल के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का लाभ पूर्ववत उठाते रहेंगे।
राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा विधेयक पर राजीव गांधी अन्न योजना की जो गाइडलाइंस तैयार की हैं, उनके तहत यह स्पष्ट किया गया है कि वे परिवार जिनका कोई भी सदस्य नियमित कर्मचारी है, उसे इस अध्यादेश की व्यवस्था से बाहर रखे जाएंगे। अनुबंध कर्मचारियों को भी इससे बाहर रखा जाएगा। चाहे वे राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बोर्डों, निगमों, स्वायत्त इकाइयों, बैंकों, सरकारी क्षेत्र अंडरटेकिंग और स्थानीय निकायों में कहीं भी नियुक्त हों। हिमाचल में अनुबंध कर्मचारियों की संख्या बीस हजार से ज्यादा है।
इसके अलावा आय कर भुगतान करने वाले परिवारों को भी प्राथमिकता वाले परिवारों में शुमार नहीं किया गया है। राज्य और केंद्र सरकार, बोर्डों, निगमों, स्वायत्त इकाइयों, बैंकों, सरकारी क्षेत्रों की अंडरटेकिंग्स और स्थानीय इकाइयों से जो व्यक्ति पेंशन निकाल रहा है, उसे भी इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।

इनसेट
‘भले ही अनुबंध कर्मचारियों को सीधे तौर पर राजीव गांधी अन्न योजना में शामिल नहीं किया गया है। इसके बावजूद राज्य सरकार गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) परिवारों के लिए सस्ती राशन योजना पूर्ववत रखेगी।’
-जीएस बाली, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, हिमाचल

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