
श्रीनगर। प्रमुख वन संरक्षक आरबीएस रावत इस आपदा को दैवीय नहीं बल्कि मानव जनित मानते हैं। बृहस्पतिवार देर शाम एसएसबी एकेडमी का दौरा करने पहुंचे रावत ने आपदा के लिए अनियोजित विकास को जिम्मेदार ठहराया। बांध निर्माण के लिए उन्होंने वैज्ञानिक सोच और बेहतर नीति अपनाने को जरूरी बताया।
पौड़ी और रुद्रप्रयाग जिलों के दौरे पर आए प्रमुख वन संरक्षक आरबीएस रावत बृहस्पतिवार देर शाम गौचर से यहां पहुंचे। एसएसबी एकेडमी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर प्रकृति से छेड़छाड़ का दुष्परिणाम ही आपदा के रूप में सामने आया है। हमने महानगरों की तर्ज पर यहां अंधाधुंध बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी हैं। इस संवेदनशील क्षेत्र में मानकों के अनुरूप ही भवन निर्माण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जनता, निर्माण कार्यों में लगी संस्थाओं और वन विभाग को जागरूक होना होगा। वाडिया इंस्टीट्यूट, एफआरआई जैसे संस्थानों के सुझावों के आधार पर ही बांध निर्माण किया जाए तो बेहतर होगा। उन्होंने देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील स्थानों पर जरूरी निर्माण कार्यों के लिए तुरंत संस्तुति और भूमि देने की भी बात कही।
