अनपढ़ नहीं पढ़े-लिखे बन रहे हैं तांत्रिकों के ‘शिकार’

हरादून में फर्जी बाबा, तांत्रिक किस तरह जनता को लूट रहे हैं, मीना (परिवर्तित नाम) की आपबीती इसकी एक बानगी भर है।

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मीना के पति डॉक्टर हैं। बीते साल उनके घर से 10 लाख रुपए चोरी हुए। पुलिस में रिपोर्ट कराई। बहुत कोशिशों के बाद भी कुछ पता नहीं चला। किसी के कहने पर चोरी गया धन पाने की आस में एक बाबा के पास पहुंच गए।

चोर का नाम, दिशा बताने का दावा
बाबा ने तीन दिन के भीतर चोर का नाम, दिशा बताने का दावा किया। इसके एवज में पांच हजार रुपए पूजा खर्च के नाम पर लिए, लेकिन दावा फुस्स निकला। पैसे के लिए बाबा के पते पर पहुंचे तो पता चला कि वह स्थान बदल चुका है, मोबाइल नंबर भी बंद निकले…।

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अलीगढ़ की रहने वाली मीना अपने रिश्तेदारों के यहां जीएमएस रोड स्थित आवास पर आई हुई हैं। मंगलवार को अमर उजाला में प्रकाशित ‘फ्रॉड बाबा की जय…’ स्टोरी पढ़ने के बाद उन्होंने दिए गए मोबाइल फोन पर अपनी व्यथा जाहिर की।

उन्हीं के जैसे कई और लोग थे, जिन्होंने अपनी आपबीती अमर उजाला से साझा की। इनमें ऐसी महिलाओं की संख्या अधिक रही, जो पारिवारिक समस्याओं के निदान के लिए बाबा, तांत्रिकों के चंगुल में फंसी।

आंख बंद कर भरोसा करना बेवकूफी
एक बार भुक्तभोगी बनने के बाद इनकी आंखें खुल चुकी हैं। इनका साफ कहना है कि अगर आम आदमी बेवकूफ न बनना चाहे तो उसे कोई बेवकूफ नहीं बना सकता। कोई बाबा या तांत्रिक कितना भी बड़ा दावा क्यों न करे, उस पर आंखें बंद कर भरोसा करना बेवकूफी ही है।

कोई डॉक्टर है तो कोई इंजीनियर
आप बेशक यह मानकर चलें कि बाबाओं, तांत्रिकों केदावों में अनपढ़ व्यक्ति आसानी से फंसता है, लेकिन अमर उजाला की पड़ताल में जो हकीकत सामने आई, वह इसके ठीक उलट है।

इनमें खासे पढ़े-लिखे ज्यादा हैं। कोई डॉक्टर है तो कोई इंजीनियर, लेकिन परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य के भरोसे केचक्कर में यह लुट बैठे।

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