
कुमारसैन (शिमला)। पंचायत समिति नारकंडा की वीरवार को हुई त्रैमासिक बैठक में कई विभागों के अधिकारी गैरहाजिर रहे। इस पर पंचायत समिति सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जता कर ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि अधिकारियों की गैर मौजूदगी के कारण बैठक में जनता की समस्याओं पर चर्चा नहीं हो पाई। इससे कई समस्याएं अनसुलझी ही रह गईं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। बैठक में लोक निर्माण विभाग कुमारसैन, बिजली बोर्ड, वन विभाग कोटगढ़, आईपीएच, फूड सप्लाई, गैस एजेंसी आदि विभागों के अधिकारी अनुपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों की शिकायत को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया, जिसे जिला उपायुक्त समेत पंचायती राज मंत्री और स्थानीय विधायक एवं आईपीएच मंत्री को भेजा जाएगा। बैठक में मौजूद बीडीओ नारकंडा सीए वर्मा ने राष्ट्रीय बीमा योजना तथा मनरेगा के बारे में समिति सदस्यों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 दिन तक मनरेगा में काम करने वाले ग्रामीणाें का स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनेगा और 38 हजार रुपये तक का निशुल्क इलाज होगा। साथ ही गंभीर बीमारी होने पर मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख 75 हजार रुपये तक का इलाज करवाया जाएगा। इस अवसर पर शिमला बरगाल बस सेवा को वाया कचीनघाटी, हरिद्वार-सराहन बस को वाया कुमारसैन और शिमला कोटीघाट बस को दोबारा शुरू करने की भी मांग की गई। बैठक में शिमला जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रहलाद कश्यप, जिला परिषद सदस्य सुषमा वर्मा समेत समिति सदस्य मौजूद रहे।
