अदेयता प्रमाण पत्र को देने पड़ रहे 200 रुपये

रुद्रप्रयाग। भारतीय स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा (एसबीआई एडीबी) बेरोजगारों से अदेयता प्रमाण पत्र देने के एवज में दो सौ रुपये वसूल रही है, जबकि अन्य बैंक प्रमाण पत्र निशुल्क दे रहे हैं।
बैंक ऋण देने से पहले संबंधित व्यक्ति से अन्य बैंकों का अदेयता प्रमाण पत्र मांगते हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित व्यक्ति का अन्य किसी बैंक से ऋण नहीं लिया हुआ है। इसके लिए बैंक ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लेते हैं। जबकि एडीबी अदेयता प्रमाण पत्र के 200 रुपये ले रही है। नरकोटा के दीपक सिलोड़ी ने बताया कि बैंकों में प्रमाण पत्र लेने के बाद जब वह एडीबी में पहुंचा, तो बैंक कर्मी ने 200 रुपये शुल्क जमा करने को कहा। जब कर्मी को बताया गया कि अन्य बैंकों ने कोई शुल्क नहीं लिया है, तो प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया। वहीं एडीबी के शाखा प्रबंधक अनिल शर्मा ने बताया कि अदेयता प्रमाण पत्र के 102 रुपये लिए जाते हैं। यदि 200 रुपये लिए गए होंगे, तो यह भूलवश हुआ होगा। संबंधित व्यक्ति को रुपये लौटा दिए जाएंगे।

यदि कोई सीधे बैंक से ऋण लेता है, तो उससे एसबीआई में अदेयता प्रमाण पत्र के 50 से 100 रुपये लिए जाते हैं। यदि ज्यादा शुल्क लिया गया होगा, तो जवाब मांगा जाएगा।

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