
लखनऊ: अवैध खनन मामले पर सख्त रुख अपनाने वाली बहादुर आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल को सस्पेंड करने वाली उत्तर प्रदेश सरकार अपना फैसला वापस लेने को तैयार नहीं है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी साफ कह दिया है कि अफसर दुर्गा के निलंबन पर बहस नहीं होनी चाहिए।
IAS दुर्गा शक्ति पर चाहे सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बन रहे धार्मिक स्थल की दीवार तोड़ने पर कार्रवाई की गई हो लेकिन सूत्रों के अनुसार दुर्गा के निलंबन के पीछे रेत माफिया की ही साजिश है क्योंकि आईएएस दुर्गा ने अवैध कब्जा करने वाले माफिया संगठन के नाक में दम कर दिया था। वहीं खबर है कि समाजवादी पार्टी के ही एक नेता की शिकायत पर दुर्गा को सस्पेंड किया गया। सोमवार को आईएएस एसोसिएशन मुख्य सचिव से मिले और इस फैसले पर नाराजगी जताई।
सूत्रों के अनुसार अखिलेश सरकार पर भी सवाल उठ रहे हैं कि ईमानदारी से काम करने वालों पर इस तरह की कार्रवाई सही है। इस तरह तो ईमानदार अफसरों का काम करना मुश्किल हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार भले ही अखिलेश यादव ने आईएएस दुर्गा के निलंबन मामले पर बहस से इंकार कर दिया है पर दुर्गा के निलंबन के खिलाफ बीजेपी और आम आदमी पार्टी ने ग्रेटर नोएडा में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। वहीं स्थानीय लोग भी दुर्गा के पक्ष में उतर आए हैं।
