
चंबा। देश के दूसरे शहरों को रोशन करने वाले चंबा जिले के कई गांव चार दिनों में अंधेरे में डूबे हुए हैं। सीजन की पहली बर्फबारी से ही जिले की ऊपरी क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। लोगों को सर्द रातें अंधेरे में बीतानी पड़ रही हैं। या यूं कहें कि अंधेरे ने चंबा का चैन छीन लिया है। हालांकि बिजली बोर्ड लाइनों की मरम्मत करने में लगा है। इसके बावजूद भी शनिवार देर शाम से गुल हुई बिजली मंगलवार तक बहाल नहीं हो पाई है।
जनजातीय क्षेत्र भरमौर, होली के साथ-साथ मैहला, बकाणी, धरवाला सहित सलूणी और तीसा उपमंडलों के सैकड़ों गांव शनिवार रात से अंधेरे में डूबे हैं। इन क्षेत्रों के लोगों को सर्द मौसम में अंधेरे में जूझना पड़ रहा है। स्कूल और कालेज के छात्रों की परीक्षाओं की तैयारी न हो पाने से उनका भविष्य भी दाव पर लगा है। शनिवार देर शाम से भरमौर उपमंडल की 29 पंचायतों में बिजली गुल है। हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली न होने के कारण सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। बिजली के बिना कार्यालयों में ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से पूरे जनजातीय क्षेत्र में अंधेरा पसरा है।
बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता एमएल शर्मा ने बताया कि भरमौर की ओर जाने वाली 33 केवी लाइन काफी क्षतिग्रस्त हो गई है। कई खंभे और बिजली की तारें टूट गई हैं। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों मरम्मत कार्य को दिन रात जारी रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि भरमौर क्षेत्र की बिजली लाइन का मरम्मत कार्य पूरा हो चुका है और मंगलवार देर शाम तक भरमौर क्षेत्र में बिजली बहाल हो सकती है। उन्होंने बताया कि मैहला में बुधवार के बाद ही बिजली सप्लाई बहाल हो पाएगी। उन्होंने कहा कि जिला के बाकी उपमंडलों में भी बिजली बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
मैहला में बैंकाें का कामकाज प्रभावित
बकाणी (चंबा)। विकास खंड मैहला में चार दिन बाद भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है। हैरत की बात है कि मैहला में विकास खंड कार्यालय होने के बावजूद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई है। इसके चलते मैहला में बैंकों में कार्य ठप पड़ा हुआ है। साथ ही चड़ी, वंदला, दाडवीं, बकाणी, लोथल, सुनारा, ब्रेही सहित दर्जनों पंचायतों के सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति बंद है। मोबाइल की बैटरी खत्म होने से लोग संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
