स्वामी की धमकी, संजय दत्त को बचाया तो जाउंगा कोर्ट

नई दिल्ली: 1993 में बंबई ब्लास्ट मामले में फिल्म अभिनेता संजय दत्त को मिली 5 साल की जेल की सजा पर सियासत शुरू हो गई है। प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू के संजय को बचाने की अपील के बाद अब नेताओं के बीच संजय दत्त को बचाने के लिए होड़ सी लग गई है। कोई पक्ष में है तो कोई विपक्ष में है।

इस बीच सरकार के मंत्री मनीष तिवारी ने कह दिया है कि काटजू की बातों पर गौर की जाएगी और सरकार कोशिश करेगी संजय को बचाने की। लेकिन वहीं दूसरी तरफ जनता पार्टी प्रमुख सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा है कि यदि संजय दत्त को माफी दी गई, तो इसके खिलाफ वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

स्वामी ने कहा कि राज्यपाल के किसी फैसले से ऐसा प्रतीत नहीं होना चाहिए कि कलाकारों और खिलाडियों को गंभीर मामलों में भी छूट मिल सकती है।

इससे पहले पूर्व न्यायमूर्ति काट्जू ने अपने पत्र में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 161 के प्रावधानों के तहत राज्यपाल या राष्ट्रपति को किसी की सजा माफ करने या कम करने का अधिकार है। यहां तक कि वे किसी अपराधी को मिली न्यूनतम सजा को भी माफ कर सकते हैं।

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल और राष्ट्रपति को मिले अधिकारों की व्याख्या करते हुए कहा है कि इसमें प्रदत्त अधिकार न्यायिक अधिकार से इतर हैं। उन्होंने कहा है कि बालीवुड अभिनेता को 1993 के बम धमाकों में सीधे तौर पर किसी भूमिका के
लिए दोषी करार नहीं दिया गया है।

उन्होंने अपने पत्र में कमांडर नानावती के मामले का हवाला देते हुए कहा है कि हत्या का दोषी साबित होने के बावजूद राज्यपाल ने उन्हें माफी दे दी थी। जबकि हत्या के मामले में न्यूनतम सजा आजीवन कारावास है।
स्वामी की धमकी, संजय दत्त को बचाया तो जाउंगा कोर्ट

नई दिल्ली 1993 में बंबई ब्लास्ट मामले में फिल्म अभिनेता संजय दत्त को मिली 5 साल की जेल की सजा पर सियासत शुरू हो गई है। प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू के संजय को बचाने की अपील के बाद अब नेताओं के बीच संजय दत्त को बचाने के लिए होड़ सी लग गई है। कोई पक्ष में है तो कोई विपक्ष में है।

इस बीच सरकार के मंत्री मनीष तिवारी ने कह दिया है कि काटजू की बातों पर गौर की जजाएगी और सरकार कोशिश करेगी संजय को बचाने की।

लेकिन वहीं दूसरी तरफ जनता पार्टी प्रमुख सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा है कि यदि संजय दत्त को माफी दी गई, तो इसके खिलाफ वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

स्वामी ने कहा कि राज्यपाल के किसी फैसले से ऐसा प्रतीत नहीं होना चाहिए कि कलाकारों और खिलाडियों को गंभीर मामलों में भी छूट मिल सकती है।

इससे पहले पूर्व न्यायमूर्ति काट्जू ने अपने पत्र में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 161 के प्रावधानों के तहत राज्यपाल या राष्ट्रपति को किसी की सजा माफ करने या कम करने का अधिकार है। यहां तक कि वे किसी अपराधी को मिली न्यूनतम सजा को भी माफ कर सकते हैं।

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल और राष्ट्रपति को मिले अधिकारों की व्याख्या करते हुए कहा है कि इसमें प्रदत्त अधिकार न्यायिक अधिकार से इतर हैं। उन्होंने कहा है कि बालीवुड अभिनेता को 1993 के बम धमाकों में सीधे तौर पर किसी भूमिका के
लिए दोषी करार नहीं दिया गया है।

उन्होंने अपने पत्र में कमांडर नानावती के मामले का हवाला देते हुए कहा है कि हत्या का दोषी साबित होने के बावजूद राज्यपाल ने उन्हें माफी दे दी थी। जबकि हत्या के मामले में न्यूनतम सजा आजीवन कारावास है।(साथ में एजेंसी)

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