सबलेट की तो फिर नहीं मिलेगी!

शिमला। नगर निगम की दुकानों को सबलेट करने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। निगम को जानकारी मिली है कि एक हजार में से करीब दो सौ दुकानों की सबलेटिंग कारोबारियों ने की है। हालांकि, निगम अभी इसके आंकड़ा जुटा रहा है। दुकान किस कारोबारी को दी है तथा वर्तमान में कौन दुकान में कारोबार कर रहा है। इसका लेखाजोखा बन रहा है। दुकान का मालिक और वर्तमान कारोबार करने वाले कारोबारी अगर अलग-अलग निकलते हैं तो वर्तमान वाले कारोबारी के नाम दुकान कर दी जाएगी। महापौर संजय चौहान का कहना है दुकानों की सबलेटिंग वन टाइम करने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत एकमुश्त राहत देने पर कमेटी विचार कर रही है।
शुक्रवार को नगर निगम की सबलेटिंग के मामले देखने वाली कमेटी की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता महापौर संजय चौहान ने की। बैठक में पार्षद अनूप वैद्य, शशि शेखर चीनू सहित संपदा शाखा के अधिकारी मौजूद रहे। महापौर संजय चौहान ने बताया निगम की दुकानों की सबलेटिंग करने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पता चला है कि जिस दुकानदार को निगम ने दुकान दी है, उस कारोबारी ने किसी और को दुकान सबलेट कर दी है। निगम ने किराया पुराने रेट पर तय किया हुआ है जबकि दुकान का मालिक उसे नई दरों पर किराए पर चढ़ा कर चांदी कूट रहे हैं।
ऐसे कारोबारियों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। दुकानों के पहले वाले और वर्तमान स्ट्टेस की जांच की जाएगी। इसके बाद वर्तमान कारोबारी को ही दुकान देने पर कमेटी विचार कर सकती है। महापौर का कहना है दुकानों की सबलेटिंग को वन टाइम करने की कवायद भी छेड़ी गई है। इसमें एकमुश्त राहत दी जाएगी। कोई कारोबारी नियमों की अनदेखी करता हुआ पाया गया तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सबलेटिंग से चांदी कूट रहे व्यापारी
नगर निगम ने शहर में करीब एक हजार दुकानों को बोली के माध्यम से किराए पर दिया हुआ है। लोअर बाजार, सब्जी मंडी, लक्कड़ बाजार, पद्मदेव कांप्लेक्स, मिडिल बाजार कांप्लेक्स, बालूगंज, ओल्ड मोटर बैरियर, ढली और नाभा में यह दुकानें स्थित हैं। संपदा शाखा के मुताबिक करीब दो सौ दुकानों को बोली लगाने वाले कारोबारियों ने सबलेट किया हुआ है। निगम के तय किए गए किराए से कहीं अधिक मोटी रकम बोली लगाने वाला कारोबारी सबलेट के बाद कारोबार कर रहे कारोबारी से किराए के तौर पर वसूल रहा है।

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