खराब होने की कगार लाखों की दवाइयां

चंबा। गरीब लोगों को सस्ती दवाइयां मुहैया करवाने की योजना चंबा में फ्लाप हो गई है। इसके अलावा काफी दिन से बंद पड़े जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र में रखी लाखों रुपये की दवाइयां खराब होने की कगार पर पहुंच गई हैं। खर्चा न निकल पाने के कारण इसका फार्मासिस्ट करीब दो माह पहले इस्तीफा देकर चला गया है। इसके बाद से यहां दूसरे फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं हो पाई है। इसके चलते इस केंद्र पर तब से ताला लटका है। अंदर काफी दवाइयां और अन्य सामान पड़ा हुआ है।
केंद्र का शटर लगातार बंद होने से इन दवाइयों के खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। बताया जा रहा है कि जन औषधि केंद्र में 10 लाख रुपये के करीब की दवाइयां रखी गई हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्र में पड़ी दवाइयां खराब होने की कगार पर हैं। जरूरी दवाइयों और इंजेक्शन की एक्सपायर डेट तक खत्म होने वाली है। कुछेक दवाइयाें में नमी आने के कारण उनके खराब होने का खतरा बना हुआ है। ज्ञात रहे कि अस्पताल प्रशासन यहां की दवाओं की खरीद करने में नाकाम रहा है। इसके अलावा डाक्टर भी यहां की दवाओं को लिखने से परहेज करते आ रहे हैं। इसी के चलते यहां पर्याप्त सेल नहीं हो पा रही थी।
कमीशन आधार पर तैनात फार्मासिस्ट को रोटी तक के लाले पड़ने लगे थे। इसके चलते वह इस्तीफा देकर चला गया था। ज्ञात रहे कि फार्मासिस्ट को एक लाख की दवाइयाें की बिक्री पर चार प्रतिशत कमीशन का प्रावधान है। अस्पताल के एमएस डा. विनोद शर्मा ने बताया कि केंद्र को चलाने के लिए फिर से पहले सेवाएं दे ेरहे फार्मासिस्ट से संपर्क किया जा रहा है। अगर फार्मासिस्ट ज्वाइन नहीं करता है तो दूसरे फार्मासिस्ट की सेवाएं केंद्र में ली जाएंगी।

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