कहीं बेरंग न कर दें होली के रंग

धर्मशाला। होली के त्योहार को लेकर जरा सावधान हो जाइए, चूंकि होली के रंग कहीं आपके चेहरे को बेरंग न कर दें। सस्ते रंगों की आड़ में बाजार में खतरनाक केमिकल वाले कलर तथा मिलावटी कलर पहुंच चुके हैं। चंद पैसों के मुनाफे की आड़ में कई दुकानों में होली के खतरनाक रंग बिक रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग त्योहारी सीजन में खाद्य वस्तुओं पर तो नजर रखता है। लेकिन हैरानी की बात है कि महकमा रंगों की गुणवत्ता को जांचने के लिए कोई कदम नहीं उठा पा रहा। ऐसे में मिलावटी कलर बेचने वालों के हौसले बुलंद हैं। जबकि होली मनाने वाले परेशान हैं। केमिकल युक्त कलर से व्यक्ति की स्किन पर धब्बे पड़ सकते हैं। साथ ही सांस की दिक्कत भी हो सकती है। उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. जितेंद्र सक्सेना ने कहा कि होली के रंग स्वास्थ्य विभाग के दायरे में नहीं आते हैं। इसलिए विभाग का बाजार में बिकने वाले होली के रंगों पर कोई नियंत्रण नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह कार्य ड्रग्स एंड कास्मेटिक विभाग में आता है।

सूखे रंगों का करें इस्तेमाल: डा. अंजू
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की स्किन स्पेशलिस्ट डा. अंजू लट्ठ का कहना है कि केमिकल युक्त कलर के प्रयोग से परहेज करना चाहिए। क्योंकि इससे एलर्जी तथा स्किन में कई तरह की प्राब्लम हो सकती हैं। उन्होंने लोगों से गीले रंगों की अपेक्षा सूखे हर्बल एवं आर्गेनिक रंगों का इस्तेमाल करने की अपील की है।

आंखों का रखें खास ख्याल : डा. पुरी
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. रमन पुरी का कहना है कि केमिकल युक्त कलर का प्रयोग आंखों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा कि होली खेलते समय आंखों का खास ख्याल रखें तथा आंखों में कोई दिक्कत आने पर साफ पानी से आंखों को धोएं।

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