अस्पताल परिसर में लगे 12 फायर हाइडेंट जर्जर

अंबेडकरनगर (ब्यूरो)। अचानक आग लगने पर उस पर तत्काल नियंत्रण पाने के लिए जिला चिकित्सालय में पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। हालत यह है कि लाखों रुपये की लागत से लगे फायर हाइडेंट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कहने को तो जिला चिकित्सालय में कुल 12 हाईडेंट लगे हुए हैं, लेकिन इनमें से एक भी ऐसे नहीं हैं, जो इमरजेंसी पड़ने पर काम आ सकें। ऐसे में यदि कोई घटना घटित होती है, तो इस पर अंकुश कैसे लग सकेगा?
जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। चिकित्सालय प्रशासन मरीजों व तीमारदारों को न तो सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा पा रहा है और न ही उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर है। मरीज व उनके तीमारदार लगातार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सालय प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से मांग कर चुके हैं, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चिकित्सालय प्रशासन की ढिलाई का आलम यह है कि अस्पताल परिसर में अचानक आग लगने पर उस पर काबू पाने के लिए लगे हाइडेंट अपनी प्रतियोगिता पूरी तरह खो चुके हैं। जर्जर होने के बाद भी उनकी मरम्मत कराने या फिर उसे बदलने के लिए प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिला चिकित्सालय में अचानक लगने वाली आग पर काबू पाने के लिए परिसर में विभिन्न स्थानों पर कुल 12 हाईडेंट लगाए गए हैं। इन हाईडेंटों को स्थापित करने के लिए इन पर 15 लाख रुपये से अधिक की लागत आई थी। हालत यह है कि सभी 12 हाईडेंट बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर अपनी प्रतियोगिता खो चुके हैं। ऐसे में यदि किसी कारणवश परिसर या फिर वार्डों में आग लगती है, तो इसे नियंत्रित करने के लिए तत्काल कोई सुविधा चिकित्सालय में उपलब्ध नहीं है।

Related posts