15 फीसदी पानी नहीं, तो कोई छूट भी नहीं

शिमला (अभिषेक): उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने चिंता व्यक्त की है कि प्रदेश के अंदर विद्युत उत्पादन करने वाली कम्पनियां नदियों और नालों में कम से कम 15 प्रतिशत पानी नहीं छोड़ रहीं जिसके बारे किसी भी प्रकार की छूट विद्युत उत्पादन कम्पनियों को नहीं दी जाएगी।

उद्योग मंत्री हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के एकीकृत हिमालयन अध्ययन संस्थान और दिल्ली विश्वविद्यालय केकरोड़ी मल महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण एवं भौगोलिक अवरोध अनुभव एवं प्रौद्योगिकी समाधान का आदान-प्रदान विषय पर कार्यशाला के दौरान बोले रहे थे।

उन्होंने कहा कि सीमैंट उद्योग को पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रयास करने होंगे तथा प्रदेश के उपभोक्ताओं को सीमैंट प्रति बोरी सस्ता देना होगा। उन्होंने विद्युत उत्पादक और सीमैंट कम्पनियों को आगाह किया कि वे जल को प्रदूषित न करें तथा नदियों में सिल्ट न डालें।

उन्होंने कहा कि खनन माफिया पर नुकेल कसी जाएगी और भविष्य में नदियों और नालों में जे.सी.बी. के माध्यम से अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए नई औद्योगिक नीति-2013 में विशेष प्रावधान किया जा रहा है और हिमाचल प्रदेश को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए प्रदेश के अंदर ऐसे पर्यावरण मित्र उद्योग लगाए जाएंगे जिनमें स्थानीय युवाओं को अधिकतर रोजगार भी उनके घर-द्वार पर उपलब्ध हो सकेंगे।

उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में राज्य सरकार द्वारा एक औद्योगिक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी तथा इसमें बड़े तथा प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों को आमंत्रित किया जाएगा।

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