हिमाचल के 2500 ग्लेशियरों को मिली बर्फ की संजीवनी

हिमाचल के 2500 ग्लेशियरों को मिली बर्फ की संजीवनी

कुल्लू
जानकारों के अनुसार हिमालय रेंज के करीब नौ हजार से अधिक ग्लेशियरों के लिए दिसंबर व जनवरी की बर्फबारी संजीवनी मानी जाती है। यह बर्फबारी कुल्लू और लाहौल-स्पीति रेंज के ग्लेशियरों के लगातार टूटने व पिघलने की गति को रोकेगी। हालांकि, हिमायलन क्षेत्र में ग्लेशियर ग्लोबल वार्मिंग के कारण पिघल रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश में 2500 छोटे-बड़े ग्लेशियरों को बर्फ की बूस्टर डोज मिली है। जनवरी से अब तक ग्लेशियरों का आकार 35 फीट तक बढ़ा है। 11 साल बाद जनवरी में 90 फीसदी बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। ग्लेशियरों पर इसका कितना असर होगा, इसका पता अक्तूबर में लगेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक सर्दी का मौसम ग्लेशियर के पॉजिटिव बैलेंस और बरसात निगेटिव बैलेंस में आता है।

जानकारों के अनुसार हिमालय रेंज के करीब नौ हजार से अधिक ग्लेशियरों के लिए दिसंबर व जनवरी की बर्फबारी संजीवनी मानी जाती है। यह बर्फबारी कुल्लू और लाहौल-स्पीति रेंज के ग्लेशियरों के लगातार टूटने व पिघलने की गति को रोकेगी। हालांकि, हिमायलन क्षेत्र में ग्लेशियर ग्लोबल वार्मिगिं के कारण पिघल रहे हैं।

तापमान बढ़ने और वायु प्रदूषण में हो रही वृद्धि से छोटे ग्लेशियर जल्दी सिकुड़ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के पर्यावरण विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुराग ने कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जनवरी की अनुमानित औसत से 90 प्रतिशत बर्फबारी हुई है। 2002 से हिमाचल के छोटा शिगरी ग्लेशियर पर शोध कर रहे डॉ. अनुराग ने कहा कि अभी तक शोध में हिमालय रेंज के ग्लेशियर निगेटिव मास बैलेंस में हैं। उन्होंने कहा कि इस सर्दी में न्यूनतम आठ से 10 और अधिकतम 30 से 35 फीट बर्फबारी होने का अनुमान है। संवाद

हिमाचल प्रदेश में बड़ा शिगरी सबसे बड़ा ग्लेशियर है। इसका क्षेत्रफल 25 वर्ग किलोमीटर है जबकि छोटा शिगरी का क्षेत्रफल 16 किलोमीटर है। शोधकर्ता डॉ. अनुराग ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल में करीब 2500 और हिमालय रेंज में लगभग नौ हजार ग्लेशियर शामिल हैं।

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