हिमाचल की पहली सौर ऊर्जा परियोजना में अगस्त से बनेगी बिजली

हिमाचल की पहली सौर ऊर्जा परियोजना में अगस्त से बनेगी बिजली

शिमला
लाहौल-स्पीति में बर्फबारी होने के चलते कई-कई दिन तक बिजली की लाइनें दुरुस्त नहीं होती हैं। इस स्थिति में बर्फबारी के बाद मौसम साफ होते ही सौर ऊर्जा से काजा और इसके आसपास के क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही बिजली उत्पादन हो जाएगा।

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के काजा में अगस्त से दो मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन शुरू होगा। वन मंजूरियां प्राप्त करने के बाद बिजली बोर्ड प्रबंधन ने निजी कंपनी को काम सौंप दिया है। बोर्ड के प्रबंध निदेशक पंकज डढवाल ने स्वयं मौके पर जाकर निजी कंपनी को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सौर ऊर्जा उत्पादन शुरू होने से काजा क्षेत्र में सर्दियों के मौसम के दौरान बिजली की किल्लत नहीं रहेगी।

भारत सरकार की सोलर इलेक्ट्रिक कारपोरेशन के साथ मिलकर बिजली बोर्ड इस सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट को लगाने जा रहा है। बैटरी आधारित इस प्रोजेक्ट में एक मेगावाट तक की बिजली को स्टोर भी किया जाएगा। क्षेत्र में बिजली की अधिक खपत नहीं होने की स्थिति में सौर ऊर्जा को ट्रांसमिशन लाइनों से अन्य क्षेत्रों में भी वितरित किया जाएगा। क्षेत्र में बर्फबारी होने के चलते कई-कई दिन तक बिजली की लाइनें दुरुस्त नहीं होती हैं।

इस स्थिति में बर्फबारी के बाद मौसम साफ होते ही सौर ऊर्जा से काजा और इसके आसपास के क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही बिजली उत्पादन हो जाएगा। बताया कि जून तक 22/66 केवी का सब डिवीजन किन्नौर के पूह में बनकर तैयार हो जाएगा। इससे बिजली कट की दिक्कत दूर होगी।

उन्होंने बताया कि 22 मेगावाट के आंध्रा पावर हाउस व दो मेगावाट के गुम्मा प्रोजेक्ट में भी गर्मियों के मौसम के दौरान बिजली उत्पादन और अधिक बढ़ाया जाएगा। रोहड़ू में बिजली की समस्या को दूर करने के लिए समोली स्थित 66 केवी सब स्टेशन को अपग्रेड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम से पहले ऊपरी शिमला सहित किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बिजली की कमी दूर कर दी जाएगी।

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