हिमाचल-उत्तराखंड में बाढ़ के कारण 18 लापता, लाखों लोग प्रभावित

हिमाचल-उत्तराखंड में बाढ़ के कारण 18 लापता, लाखों लोग प्रभावित

शिमला/देहरादून/लखनऊ
उत्तर भारत के कई राज्यों में बाढ़ व भूस्खलन की स्थिति रविवार को और गंभीर हो गई। हिमाचल, उत्तराखंड, झारखंड, ओडिशा व यूपी में लाखों लोग इससे प्रभावित हैं। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड व हिमाचल में हुई भारी बारिश के कारण गंगा-यमुना में उफान आने से यूपी के वाराणसी व प्रयागराज में किनारे की बस्तियों में पानी भर गया। हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। वाराणसी में सांकेतिक गंगा आरती ही करने के निर्देश दिए गए हैं।

हिमाचल प्रदेश के मंडी में शनिवार को तेज बारिश के बाद आई बाढ़ में कई लोग बह गए थे। इनमें से पांच अब भी लापता हैं। राज्य में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, उत्तराखंड में 13 लोग लापता हैं।

उधर, पौड़ी गढ़वाल में रिजॉर्ट में फंसे 29 लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन बल ने राहत अभियान में हेलिकॉप्टर भी लगाए हैं।

ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे बंद
ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे के ऊपर पहाड़ी का बड़ा हिस्सा धंसने से कुम्हारखेड़ा के पास मार्ग बंद हो गया। राजमार्ग पर आवागमन ठप होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। रविवार शाम तक आवागमन आरंभ नहीं हो पाया था।

ओडिशा में 1.2 लाख लोगों को सुरक्षित निकाला गया
ओडिशा के बालासोर और मयूरभंज में 8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित है। स्वर्णरेखा और बैतरणी नदी कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 1.2 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या छह हो गई है।

झारखंड
रामगढ़ में नलकारी नदी में आई बाढ़ में 6 बच्चे बह गए, इनमें से 4 शव बरामद हुए हैं।

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