हिमपात के बीच रास्ते में उतार दिए यात्री

केलांग। एचआरटीसी केलांग डिपो की लापरवाही से चालीस यात्री करीब एक घंटे तक हिमपात के बीच फंसे रहे। घटना मंगलवार की है। हालांकि बाद में सभी यात्रियों को सकुशल गंतव्य तक पहुंचा दिया गया लेकिन हिमपात के बीच में इन यात्रियों में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
हिमपात में फंसे इन यात्रियों में अधिकतर बच्चों के अलावा बीमार बुजुर्ग और महिलाएं शामिल थीं। मौसम खराब होने पर यह अपने घरों की तरफ रुख कर थे।
केलांग डिपो की यह बस उदयपुर जा रही थी। बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच नालड़ा के पास बस अचानक यात्रियों को उतारकर केलांग वापस लौट आई। बस के इस तरह अचानक लौटने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चालक ने बताया कि केलांग से आ रही दूसरी बस उन्हें लिफ्ट करेगी। लेकिन करीब एक घंटे तक बर्फबारी और शून्य तापमान में ठंड के बीच इंतजार करने के बावजूद बस नहीं आने से यात्रियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। यात्री सुनील, देव प्रकाश, सुरेश, डोलमा, सुनीता, मान दासी और अनीता ने कहा कि बर्फबारी के बीच अचानक इस तरह यात्रियों को बीच रास्ते में छोड़ कर बस का चले जाना निगम का लापरवाही रवैया दर्शाता है। इस दौरान बुजुर्गों और बच्चों की हालत ठंड के कारण खराब हो गई।
दरअसल, निगम ने सुबह दस बजे केलांग से सवारियों से खचाखच भरी एक बस उदयपुर के लिए रवाना की। केलांग से आए एक फोन पर चालक यात्रियों को बीच रास्ते में उतार कर खुद बस लेकर केलांग लौट आया। केलांग स्थित अड्डे पर संपर्क करने पर कहा गया कि उन्हें बर्फबारी के बीच बस के फंस जाने का डर था। लिहाजा, यात्रियों को नालड़ा के पास उतारकर बस को वापस केलांग बुला लिया गया।
आरएम कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति एचआरटीसी का कार्यभार देख रहे पवन कुमार शर्मा ने केलांग में तैनात कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि सवारियों को बीच रास्ते में छोड़ना उचित नहीं। कहा कि उदयपुर से केलांग आ रही बस द्वारा उतारे 35 यात्रियों को सुरक्षित उदयपुर पहुंचा दिया है।

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