हाई अलर्ट : आतंकी साजिशों के बीच शहर के साथ घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता

हाई अलर्ट : आतंकी साजिशों के बीच शहर के साथ घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता

वाराणसी
देशभर में हमले की साजिश रचने में गिरफ्तार पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के दो कमांडर अंसद बदरुद्दीन और फिरोज खान से यूपी एसटीएफ की पूछताछ में मिली जानकारी के बाद आतंकी हमलों का दंश झेल चुके वाराणसी में भी हाई अलर्ट घोषित है। पढ़ें अगली स्लाइड पर क्लिक कर।

काशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन मंदिर, कैंट रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख गंगा घाटों सहित भीड़भाड़ वाले सभी सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश देते हुए औचक तलाशी अभियान चलाते रहने को कहा गया है। निगरानी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

उधर, एलआईयू को कहा गया है कि अभिसूचना संकलन के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। शहर के होटलों, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं और लॉज में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। इन जगहों पर कोई भी बगैर आईडी प्रूफ के न ठहरने पाए। इसके अलावा शहर के अन्य सार्वजनिक जगहों पर चौकन्ना रहने के निर्देश हैं। 

गौरतलब है कि एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार कमांडरों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आतंक फैलाने की साजिश सालभर पहले रची गई थी। इसमें भीड़ पर बड़े पैमाने पर हमले की योजना थी। इसे सीएए और एनआरसी के हिंसक आंदोलन को असफल होने के बाद अंजाम देना था। हालांकि पीएफआई के कई नेताओं की गिरफ्तारी और कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के चलते साजिश को इस साल फरवरी के अंत में अंजाम देना था। आगे की स्लाइड में जानें, कब -कब दहला बनारस।

एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस हमेशा मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करती है। शीर्ष एजेंसियां सुरक्षा संबंधी जो भी इनपुट देती हैं, उनके आधार पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है।

वर्ष 2005 में 23 फरवरी को दशाश्वमेध घाट पर पहली बार बम धमाका हुआ। इस धमाके में सात लोगों की मौत हुई और नौ लोग घायल हुए। पुलिस और प्रशासन इसे सिलेंडर विस्फोट बताते रहे लेकिन फोरेंसिक जांच में बाद स्पष्ट हुआ कि यह आतंकी धमाका था।

इसके बाद सात मार्च 2006 को संकटमोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन में सीरियल बम धमाके में 18 लोगों की मौत हुई और सौ से ज्यादा लोग घायल हुए। 23 नवंबर 2007 को कचहरी में हुए सीरियल बम विस्फोट में नौ लोगों की मौत हुई और सौ से ज्यादा लोग घायल हुए।  23 नवंबर 2007 को लखनऊ और अयोध्या सहित वाराणसी की कचहरी परिसर में सीरियल ब्लास्ट में तीन वकील समेत नौ लोगों की जान चली गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

सात दिसंबर 2010 को शीतला घाट पर हुए धमाके में एक बच्ची सहित दो लोगों की मौत हुई और 48 लोग घायल हुए। 23 अप्रैल 2016 को सर्किट हाउस में गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आगमन से पहले चंद कदम दूर दीवानी कचहरी परिसर में एक अधिवक्ता की कुर्सी के नीचे हैंडग्रेनेड बरामद हुआ तो हड़कंप मच गया।

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