हाईकोर्ट का आदेश: थानों का हर कोना सीसीटीवी की निगरानी में होना जरूरी, लापरवाही हुई तो बनेगा अवमानना का मामला

हाईकोर्ट का आदेश: थानों का हर कोना सीसीटीवी की निगरानी में होना जरूरी, लापरवाही हुई तो बनेगा अवमानना का मामला

चंडीगढ़
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ के डीजीपी को आदेश दिया है कि पुलिस स्टेशन का कोई भी हिस्सा सीसीटीवी कैमरे की पहुंच के बाहर नहीं होना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि चाहे कोई जघन्य अपराध का दोषी क्यों न हो, उससे अमानवीय व्यवहार की अनुमति नहीं दी जा सकती।

कुख्यात गैंगस्टर कौशल ने सीनियर एडवोकेट बिपिन घई के माध्यम से याचिका दाखिल कर बताया था कि उसके खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज हैं। सिर्फ हरियाणा में उसके खिलाफ 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं। याची ने कहा कि वह इस समय संगरूर की जेल में बंद है और उसे आशंका है कि अन्य मामलों में पूछताछ के लिए लेकर जाते वक्त उसका एनकाउंटर किया जा सकता है। इस मामले में हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब दोनों के डीजीपी से जवाब मांगा था।

पंजाब के डीजीपी ने आरोपों से इनकार किया और बताया कि याची ने ऐसी कोई शिकायत पहले नहीं की थी। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर सभी पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी कैमरों को लेकर तथा जांच के दौरान वीडियोग्राफी पर जवाब मांगा था। हरियाणा सरकार ने कहा कि प्रवेश व निकास पर सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं लेकिन सीआरपीसी में जांच की वीडियोग्राफी का कोई प्रावधान नहीं है।

हाईकोर्ट ने डीजीपी को फटकार लगाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि प्रवेश, निकास, लॉकअप, बरामदा, रिसेप्शन, ऑफिसर का कमरा सभी सीसीटीवी की निगरानी में होने चाहिए। साथ ही सीसीटीवी में ऑडियो का ऑप्शन तथा इसका रिकार्ड कम से कम 18 माह तक रखना चाहिए। राज्य सरकार को पावर बैकअप की व्यवस्था करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने जब आदेश दिया है तो राज्य इसका पालन करने के लिए बाध्य हैं।

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