हरियाणा में कोरोना के मामले हुए कम, 17 माह बाद डॉक्टरों को छुट्टी मिलनी शुरू

हरियाणा में कोरोना के मामले हुए कम, 17 माह बाद डॉक्टरों को छुट्टी मिलनी शुरू

चंडीगढ़
हरियाणा में कोरोना के मामले कम होने के चलते अब 17 माह बाद डॉक्टरों को छुट्टियां मिलनी शुरू हो गई हैं। रोस्टर के हिसाब से 30 दिन के बजाय 10-10 दिन की छुट्टी दी जा रही है। काफी लंबे अरसे के बाद मिली छुट्टी के बाद डॉक्टरों को कुछ राहत मिली है।

प्रदेश में मार्च 2020 में कोरोना महामारी ने दस्तक दी थी। इसके बाद से सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थी। तब से लेकर कोरोना की लहर के बाद से सभी स्टाफ और डॉक्टर ड्यूटी कर रहे हैं। कोरोना के चरम पर जाने के कारण एक समय डॉक्टरों को 24 घंटे तक भी काम करना पड़ा। पिछले एक माह से प्रदेश में कोरोना के मामलों में तेजी से गिरावट आई है। इस समय 30 से नीचे नए मामले आ रहे हैं, जबकि मौत के मामले भी पांच से नीचे हैं।

एक्टिव मरीजों की संख्या कम होने और मात्र 600 कोरोना मरीज इस समय अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल हैं। इसलिए अब विभाग की ओर से डॉक्टरों को छुट्टी देने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विश्वविद्यालय रोहतक के बाद अब कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज समेत अन्य कॉलेजों में डॉक्टर छुट्टी पर जा रहे हैं। 

हर साल गर्मियों और सर्दियों में मिलती है छुट्टी
मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले टीचर्स डॉक्टर्स को हर साल गर्मी में 30 दिन और सर्दी में 24 दिन की छुट्टी मिलती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ये डॉक्टर्स अस्पताल में मरीजों को भी देखते हैं और विद्यार्थियों को भी पढ़ाते हैं। दूसरा इनका ड्यूटी का समय 9 बजे से शुरू होता है लेकिन वे सुबह 8 बजे कक्षा भी लेते हैं और इमरजेंसी में किसी भी समय उनको अस्पताल में आना पड़ता है। इसी को आधार बनाते हुए शुरू से ही यह व्यवस्था बनी हुई है। पिछले 17 माह से छुट्टी नहीं मिलने पर सरकार ने इनकी छुट्टी को ईएल में बदल दिया था। 

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