सेना और बीआरओ के लिए सरचू बॉर्डर पर 4G इंटरनेट सेवा शुरू

सेना और बीआरओ के लिए सरचू बॉर्डर पर 4G इंटरनेट सेवा शुरू

केलांग (लाहौल-स्पीति)
भारतीय सेना और बीआरओ की जरूरत को देखते हुए निजी कंपनी ने सरचू में इंटरनेट सेवा शुरू की है। मनाली-लेह मार्ग के लद्दाख-हिमाचल बॉर्डर सरचू में भारतीय सेना का ट्रांजिट कैंप है। सीमा सड़क संगठन का डेट कैंप भी है।

सामरिक महत्व के मनाली-लेह मार्ग पर स्थित सरचू बॉर्डर में सेना और बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) के लिए फोर जी इंटरनेट सेवा शुरू हो गई है। दावा किया जा रहा है कि समुद्रतल से 13,783 फीट ऊंचा सरचू बॉर्डर देश का पहला ऐसा सबसे ऊंचा इलाका बन गया है, जहां फोर जी इंटरनेट सेवा शुरू हुई है। भारतीय सेना और बीआरओ की जरूरत को देखते हुए निजी कंपनी ने सरचू में इंटरनेट सेवा शुरू की है। मनाली-लेह मार्ग के लद्दाख-हिमाचल बॉर्डर सरचू में भारतीय सेना का ट्रांजिट कैंप है। सीमा सड़क संगठन का डेट कैंप भी है। मैदानी इलाकों से आने वाले भारतीय सैनिकों की चीन की सीमा से सटे लद्दाख क्षेत्र में तैनाती से उन्हें कुछ दिन सरचू में बने टांजिट कैंपों में ठहराया जाता है। इससे पहले मनाली-लेह मार्ग पर लाहौल के दारचा के बाद लद्दाख के उपशी तक करीब 100 किमी के दायरे में न मोबाइल और न ही इंटरनेट सुविधा थी।

माना जा रहा है सरचू जैसे सामरिक लिहाज के महत्वपूर्ण इलाके में इंटरनेट सेवा शुरू होने से सेना को अपने हर तरह के ऑपरेशन को अंजाम देने में आसानी होगी। सीमा सड़क संगठन को भी मनाली-लेह मार्ग के स्टेटस की जानकारी मिलती रहेगी। हालांकि, इंटरनेट सेवा हिमाचल के दो किमी और लद्दाख के डेढ़ किमी बॉर्डर से सटे इलाके में शुरू हुई है। कंपनी का कहना है कि बारालाचा दर्रा से सटे जिंगजिंगबार क्षेत्र में भी इंटरनेट सेवा शुरू करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इंटरनेट ओर मोबाइल सिगनल न होने से पहले सड़क हादसों के साथ बर्फबारी के बीच सैलानियों के फंसने की सूचना समय पर नहीं मिल पाती थी। सर्च ऑपरेशन में भी लद्दाख और लाहौल प्रशासन को भारी दिक्कतें होती थीं। एचआरटीसी केलांग के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगल चंद मानेपा ने बताया कि बुधवार को केलांग-लेह-दिल्ली रूट की बस में तैनात परिचालक ने उन्हें सरचू से फोन कर व्हाट्सएप के जरिये वहां की कुछ तस्वीरें भी शेयर की हैं।

जिंगजिंगबार में भी इंटरनेट सेवा करने की योजना : योगेश
जियो कंपनी के इंजीनियर योगेश चौहान ने बताया कि सेना और सीमा सड़क संगठन से प्रस्ताव मिलने के बाद कंपनी ने सरचू बॉर्डर में इंटरनेट सेवा शुरू की है। सरचू बॉर्डर से लगते लद्दाख और हिमाचल के करीब डेढ़ से ढाई किमी दायरे में इंटरनेट सेवा मिल रही है। कंपनी जिंगजिंगबार के आसपास भी इंटरनेट सेवा शुरू करने की संभावनाएं तलाश रही है।

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