सिलिंडर के बाद पानी पर महंगाई की मार, जानें- एक अप्रैल से कितनी रकम चुकानी पड़ेगी

सिलिंडर के बाद पानी पर महंगाई की मार, जानें- एक अप्रैल से कितनी रकम चुकानी पड़ेगी

चंडीगढ़
पेट्रोल-डीजल व गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों की मार झेल रहे चंडीगढ़वासियों को एक अप्रैल से एक और झटका लगने वाला है। अप्रैल माह से पानी के बिल में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। बीते साल सितंबर में प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, हर साल अप्रैल माह में पानी के बिल में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। ऐसे में अगले माह से शहरवासियों की जेब पर एक और बोझ बढ़ने वाला है।

शहरवासियों की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही। बीते सितंबर माह में पानी की बढ़ी हुई दरों की अधिसूचना जारी हुई थी। इसमें पानी के दाम बढ़ाने के साथ ही हर साल तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी का भी नियम लागू कर दिया गया था। इसके अलावा सीवर सेस को 10 रुपये प्रति टॉयलेट सीट से बढ़ाकर बिल का 30 प्रतिशत तय कर दिया गया है। पानी के बढ़े बिल का गणित अभी लोग समझ ही रहे थे कि अप्रैल माह से एक बार फिर दाम बढ़ने जा रहे हैं। 

पानी के दाम पर नौ मार्च को सदन में होगी चर्चा 
सदन में पानी के बढ़े दामों का प्रस्ताव पास करने के बाद भाजपा ने पलटी मारते हुए कहा था कि पानी की दरों में संशोधन होना चाहिए। इस दौरान निगम आयुक्त केके यादव ने सदन की कार्यवाही में टिप्पणी की थी कि निगम को हर साल करोड़ों का घाटा हो रहा है। दाम बढ़ाए बिना घाटा कैसे पूरा होगा। यह प्रस्ताव जब प्रशासन के पास पहुंचा तो वहां से सदन से जवाब मांगा गया कि आयुक्त की टिप्पणी के अनुसार निगम को जो घाटा हो रहा है, वह कैसे पूरा होगा। इसके लिए निगम नौ मार्च को सदन में चर्चा करने जा रहा है।
दोपहर की आपूर्ति पर 12 करोड़, अतिरिक्त पानी पर 25 करोड़ खर्च
पिछले साल कजौली वाटर वर्क्स से निगम को 29 एमजीडी अतिरिक्त पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई थी। इस पूरी प्रक्रिया पर निगम के 25 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। वहीं अतिरिक्त पानी आने के बाद सदन की मांग पर निगम ने पिछले साल दोपहर में पेयजल आपूर्ति शुरू की थी। इस पूरी व्यवस्था पर लगभग 37 से 38 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। आयुक्त का कहना है कि निगम ने यह खर्चा पूरा करने के लिए ही पानी के दाम बढ़ाए हैं।

245 करोड़ का खर्चा, 140 करोड़ लाने का लक्ष्य
निगम इस साल पेयजल आपूर्ति पर 245 करोड़ रुपये खर्च करेगा। वहीं निगम ने बढ़े हुए पानी के बिलों के आधार पर 140 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य रखा है। ऐसे में निगम को 105 करोड़ रुपये वहन करना होगा। निगम आयुक्त का कहना है कि वर्ष 2011 के बाद से शहर में पानी के दाम नहीं बढ़े हैं इसलिए दाम बढ़ाना जरूरी था, जिस पर सदन ने सहमति दी थी।

सातों दिन 24 घंटे पेयजल आपूर्ति होने पर और बढ़ेंगे दाम
शहर में सातों दिन 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए नगर निगम फ्रांस से 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले रहा है। जल्द इस योजना काम भी शुरू हो जाएगा। पांच साल में तैयार होने वाली इस योजना में पानी का दाम पांच रुपये प्रति लीटर रखा गया है। ऐसे में शहर के लोगों को बढ़े पानी के दाम चुकाने के लिए तैयार रहना होगा।

50 किलोलीटर पानी के उपयोग पर आएगा 818 रुपये
एक परिवार एक माह में अगर 50 किलोलीटर पानी का उपयोग करता है तो 12 रुपये प्रति किलोलीटर के हिसाब से वर्तमान में 600 रुपये का बिल आता है, जो अप्रैल से तीन प्रतिशत बढ़ने के बाद 618 रुपये हो जाएगा। वहीं, इस बिल में 30 प्रतिशत (180 रुपये) सीवर टैक्स के और जोड़े जाएंगे। वहीं घर में एक टॉयलेट होने पर 20 रुपये का शुल्क और जुड़ेगा। ऐसे में कुल मिलाकर एक परिवार का बिल 818 रुपये हो जाएगा। 

वर्तमान में पानी के दाम
0-15 किलोलीटर तक     तीन रुपये प्रति किलोलीटर
16-30 किलोलीटर    छह रुपये प्रति किलोलीटर
31-60 किलोलीटर    12 रुपये प्रति किलोलीटर
60 किलोलीटर से अधिक    24 रुपये प्रति किलोलीटर
शिक्षण संस्थान और होटल्स     25 रुपये प्रति किलोलीटर
हॉस्पिटल व क्लीनिक     25 रुपये प्रति किलोलीटर
पीजीआई –    25 रुपये प्रति किलोलीटर
सामुदायिक केंद्र/क्लब- 25 रुपये प्रति किलोलीटर
धोबी घाट, कोचिंग सेंटर-  25 रुपये प्रति किलोलीटर
सरकारी-अर्द्ध सरकारी कार्यालय-    25 रुपये प्रति किलोलीटर
लॉन की सिंचाई-      25 रुपये प्रति किलोलीटर
 सदन के फैसले के बाद ही पानी के नए दाम लागू किए हैं। तीन प्रतिशत दाम हर साल बढ़ाने का प्रस्ताव भी सदन में पास हुआ है। चूंकि प्रशासन से पत्र आया है इसलिए सदन के सामने नौ मार्च को पानी पर हो रहे खर्च का पूरा ब्योरा रखेंगे। इस पर विचार करने बाद जो फैसला होगा वह प्रशासन को भेज देंगे।- केके यादव, निगम आयुक्त।

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