साइबर थाने में पांच लाख रुपये से ज्यादा की ठगी पर ही दर्ज होगा मामला, कम राशि वाले दर्ज होंगे थाने में

साइबर थाने में पांच लाख रुपये से ज्यादा की ठगी पर ही दर्ज होगा मामला, कम राशि वाले दर्ज होंगे थाने में

शिमला
हिमाचल प्रदेश के साइबर थानों में अब पांच लाख रुपये से ज्यादा की ठगी के मामले दर्ज होंगे। इस राशि से कम ठगी के मामलों की तहकीकात संबंधित थाने करेंगे। हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी और धर्मशाला तीनों साइबर थानों में काम शुरू हो गया है। पहले साइबर अपराधियों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज होगी। अपराधियों के पकड़े जाने पर उनके नाम से यह मामला दर्ज होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिमाचल सरकार को साइबर पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेने के लिए कहा है। साइबर थानों में एक महीने के भीतर तीन दर्जन के करीब एफआईआर दर्ज हो गई हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपिंद्र नेगी ने कहा कि सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट में हिमाचल के सभी थानों को आपस में जोड़ा गया है। पांच लाख से कम ठगी के मामलों की शिकायतों की साइबर पुलिस प्रारंभिक जांच करेगी। इसके बाद इस शिकायत को संबधित थाने भेजा जाएगा। थाना प्रभारी को मामला दर्ज करने की बात कही जाएगी। जरूरत पड़ने पर साइबर पुलिस क्षेत्रों के थाना प्रभारियों का सहयोग करेगी। साइबर थाना सिर्फ पांच लाख से ज्यादा ठगी के मामले दर्ज कर मामलों की तफ्तीश करेगा।

हिमाचल में साइबर अपराध में हो रही बढ़ोतरी
प्रदेश में अधिकांश मामलों में अपराधियों के खिलाफ मामले दर्ज नहीं होते हैं। ऐसे में इन अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं और बार – बार साइबर अपराध को अंजाम देते हैं, अन्य राज्यों की तरह हिमाचल में भी साइबर अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। भूपिंद्र नेगी ने कहा कि देश विदेश में बैठे साइबर अपराधी ऑनलाइन लोगों से संपर्क करते हैं। जब व्यक्ति साइबर अपराधियों के झांसे में फं स जाता है तो उनसे पैसे की मांग की जाती है।

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