सहभागिता से योजनाएं तैयार की प्रक्रिया बताई

चंबा। विकेंद्रीयकृत नियोजन के प्रवाह में बिना बाधा सभी को एकजुट करने के लिए स्वतंत्र पहलकदमियों को आपस में जोड़ना आवश्यक है। यह बात उपायुक्त संदीप कदम ने एकीकृत जिला नियोजन पर आयोजित कार्यशाला में कही। कार्यशाला एकीकृत ग्रामीण विकास संस्थान शिमला के तत्वावधान में बचत भवन में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि विकें द्रीयकृत नियोजन का पहली बार उल्लेख पहली पंचवर्षीय योजना में हुआ था। तब यह सुझाया गया था कि योजना प्रक्रिया को राज्य और जिला स्तर पर भी लागू किया जाएगा। इन प्रबंधों के अंतर्गत हर जिले में ग्राम स्तर पर अलग-अलग सीमा तक सहभागितापूर्ण प्रक्रिया के आधार पर योजनाएं तैयार करने के लिए जिला विकास परिषद का गठन किया गया। नियोजन प्रक्रिया में पहली कार्रवाई जिले की सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करना है। इस मौके पर संस्था के निदेशक एपीएल शर्मा ने पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को जिला नियोजन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्हाेंने कहा कि कार्य को बुनियादी निष्कर्ष तक तभी पहुंचाया जा सकता है, जब आधारभूत संरचना की वास्तविकताओं का बोध हो। इस मौकेे पर जिला परिषद अध्यक्ष संतोष ठाकुर, उपाध्यक्ष पवन ठाकुर, राज सिंह ठाकुर, लीला शर्मा, एनडी वैद्य और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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