सलाओं में शूटरों ने मार गिराया तेंदुआ

घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की कई पंचायतों में आतंक का पर्याय बन चुके तेंदुए को खत्म करने के लिए छेड़ा गया अभियान रंग लाया है। मंगलवार को लोकल शूटरों ने सलाओं में एक तेंदुए को मार गिराया। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शूटरों के निशाने पर आया तेंदुआ आदमखोर था या कोई और।
गौरतलब है कि घुमारवीं उपमंडल की भराड़ी, सलाओं, मरहाणा, भपराल व पंतेहड़ा आदि पंचायतों में तेंदुए आतंक का पर्याय बन चुके हैं। गत 2 जनवरी को बाड़ां दा घाट के साथ लगते भ्योल गांव में तेंदुए ने तीन साल के आकर्षित को शिकार बना डाला था। मां के साथ चलते मासूम को झपट्टा मार कर वह उठा ले गया था। बाद में बालक का शव एक नाले से कई टुकड़ों में बरामद हुआ था। इससे पहले भी तेंदुआ एक अन्य बालक को अपना शिकार बना चुका था। इसके अलावा कई मवेशियों को भी वह मौत के घाट उतार चुका था।
गत 2 जनवरी को हुए दर्दनाक हादसे के बाद मुख्य संसदीय सचिव राजेश धर्माणी ने वन विभाग को आदमखोर तेंदुए को तुरंत मार गिराने के आदेश दिए थे। इसके लिए परवाणु से प्रोफेशनल शूटरों की एक टीम भी यहां पहुंची थी। कई दिनों तक यहां डेरा डाले रखने के बावजूद आदमखोर तेंदुआ हत्थे न चढ़ने पर प्रोफेशनल शूटर वापस लौट गए थे। अलबत्ता लोकल शूटरों ने सर्च आपरेशन जारी रखा था। मंगलवार को उन्हें इसमें कामयाबी भी मिली। सलाओं के पास लोकल शूटरों ने एक तेंदुए को मार गिराया। लगभग 120 किलोग्राम वजनी तेंदुए को देखने के लिए वहां लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। इसके बावजूद लोगों में पैदा हुआ भय अभी दूर नहीं हो पाया है। दरअसल, इससे पहले भी एक तेंदुए को मारा गया था। इसके बाद तेंदुए ने तीन साल के मासूम को शिकार बना डाला था। लिहाजा यह बात अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाई है कि मारा गया तेंदुआ आदमखोर था या कोई और।

Related posts