सरकार ने पूर्व विधायकों की पेंशन रोकी, राज्यपाल के पास लंबित है विधायक पेंशन विधेयक

सरकार ने पूर्व विधायकों की पेंशन रोकी, राज्यपाल के पास लंबित है  विधायक पेंशन विधेयक

चंडीगढ़
पंजाब सरकार ने ‘पंजाब राज्य विधानमंडल सदस्य (पेंशन और चिकित्सा सुविधाएं नियमन) संशोधन विधेयक, 2022’ को 30 जून को विधानसभा में पेश कर उसी दिन पारित कराया था और इसे मंजूरी के खातिर राज्यपाल के पास भेजा था। फिलहाल सरकार को राज्यपाल की सहमति की प्रतीक्षा है।

पंजाब सरकार के एक विधायक एक पेंशन बिल को राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार है। इस दौरान सरकार ने पूर्व विधायकों को मिल रही पेंशन की अदायगी गत मार्च माह से रोक दी है। राज्य सरकार ने गत 30 जून को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इस बिल को पारित कर राज्यपाल की सहमति के लिए भेज दिया गया लेकिन तीन सप्ताह बीत जाने पर भी राज्यपाल की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

नियमानुसार, राज्यपाल की सहमति के बाद ही इस विधेयक को अधिसूचित किया जाएगा और विधिवत अधिनियम के रूप में लागू किया जा सकेगा। संशोधन विधेयक राज्यपाल के पास लंबित होने के बावजूद प्रदेश सरकार ने राज्य के पूर्व विधायकों की मार्च 2022 से मासिक पेंशन का भुगतान रोक दिया है।

कैबिनेट की बैठक में पूर्व विधायकों की पेंशन के बारे में बदलाव को लागू करने के उद्देश्य से ‘पंजाब राज्य विधानमंडल सदस्य (पेंशन और चिकित्सा सुविधाएं विनियमन) अधिनियम, 1977’ में उपयुक्त संशोधन को मंजूरी दी थी। हालांकि नियमानुसार एक अध्यादेश के रूप में इसे लागू करने के लिए राज्यपाल की मंजूरी आवश्यक थी।

तब कैबिनेट में पारित संशोधन प्रस्ताव को राज्यपाल के पास भेजा गया, जिसे मई के अंतिम सप्ताह में राज्यपाल ने यह कहते हुए लौटा दिया कि अगला विधानसभा सत्र जल्द ही है, इसलिए यह सुनिश्चित सत्र में विधेयक के रूप में लाया जाना चाहिए। इसके बाद राज्य सरकार ने संशोधन विधेयक- ‘पंजाब राज्य विधानमंडल सदस्य (पेंशन और चिकित्सा सुविधाएं नियमन) संशोधन विधेयक, 2022’ को 30 जून को विधानसभा में पेश करके उसी दिन पारित कराया और इसे मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेज दिया था। फिलहाल सरकार को राज्यपाल की सहमति की प्रतीक्षा है।

Related posts