सरकार ने किया चिह्नित, 300 से ज्यादा कर्मियों पर पाकिस्तान और आतंकी कनेक्शन का शक

सरकार ने किया चिह्नित, 300 से ज्यादा कर्मियों पर पाकिस्तान और आतंकी कनेक्शन का शक

जम्मू
अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान, अलगाववाद और आतंकी समर्थकों की पिछली सरकारों में प्रशासन में गहराई तक पहुंच गई जड़ों को एक-एक कर प्रदेश सरकार ने काटना शुरू कर दिया है। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसके लिए व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया है। सभी विभागों से संदिग्धों की सूची तलब की गई है। बताया जा रहा है कि फिलहाल 300 से अधिक दागी कर्मचारी चिह्नित किए जा चुके हैं। यह संख्या बढ़ भी सकती है। इनमें सबसे अधिक शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारी हैं। 

राजभवन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पूरी कसरत की गई है। हर विभाग से दागियों को खोजा गया है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। सूत्रों के अनुसार प्रशासन की ओर से इस पूरी एक्सरसाइज में कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। एक जो पाकिस्तान के इशारे पर अलगाववाद और पाकिस्तान के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। दूसरे वे हैं जो घाटी में हिंसा और अशांति के लिए आतंकी संगठनों का साथ दे रहे हैं।

तीसरे वे कर्मी हैं जो लोगों में कट्टरता का बीज बो रहे हैं। देशविरोधी गतिविधियों के लिए उन्हें भड़का रहे हैं। इन तीन बिंदुओं को आधार मानकर सभी सरकारी विभागों में ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित किया जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि अब तक जो सूची तैयार की गई है उनमें शिक्षा विभाग के सबसे ज्यादा शिक्षक-कर्मचारी शामिल हैं। ये जमात-ए-इस्लामी के लिए काम करते हैं। साथ ही लोगों खासकर युवाओं में कट्टरता व अलगाववाद का बीज बो रहे हैं। ऐसे लोग सार्वजनिक मंचों से भी लोगों को भड़काने से नहीं चूक रहे हैं। राजस्व विभाग में भी जमात समर्थकों की कमी नहीं है।

ऐसे लोगों ने जमात के स्कूल स्थापित करने के लिए सरकारी भूमि तक दे दी है। सूत्रों ने बताया कि सरकारी कर्मचारी होने के नाते ये पाकिस्तान के एजेंडे को आगे बढ़ाते रहे हैं ताकि उन पर शक न हो सके। यह भी पता चला है कि इन्होंने इसके लिए अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग भी किया है। 

ओजीडब्ल्यू के रूप में काम कर रहे कर्मचारी
सूत्रों के अनुसार सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारी ओवर ग्राउंड वर्कर के रूप में काम कर रहे हैं। यह आतंकी संगठनों तक खुफिया सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही सुरक्षा बलों की अहम जानकारियां भी मुहैया करा रहे हैं। इतना ही नहीं, अलगाववाद और कट््टरता की भावना को जगाकर देश विरोधी गतिविधियों के लिए लोगों को भड़का रहे हैं। 

संविधान के इस अनुच्छेद में कार्रवाई
उप राज्यपाल प्रशासन ऐसे दागियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 311 (2) (सी) में प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल कर रहा है। इसमें बिना किसी सुनवाई के देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है। 

देशविरोधी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं : उप राज्यपाल
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा कई बार कह चुके हैं कि देश विरोधी गतिविधियां किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। चाहे कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। वह विभिन्न बैठकों और सार्वजनिक मंच से भी इसके लिए बार-बार ताकीद करते रहे हैं।

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