सरकारी बस में छाता खोलकर किया सफर

डंसा (शिमला)। परिवहन निगम के रामपुर डिपो से ग्रामीण रूटों पर भेजी जाने वाली खटारा बसें यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। निगम के बेड़े में कई ऐसी बसें हैं, जिनकी छतों से पानी टपकता है और लोगों को बचाव के लिए बस में ही छाते खोलने पड़ते हैं।
शुक्रवार को रामपुर से मझाली गई बस में ऐसा वाकया सामने आया। पुराने बस अड्डे से यात्री जैसे ही बस के अंदर चढ़ने लगे तो देखा कि छत से पानी अंदर बरस रहा था। अधिकांश यात्रियों ने बस से बाहर जाना ही उचित समझा। करीब दो दर्जन लोग बस में ही बैठे रहे। ऐसे में कुछ लोगों को बस में पानी से बचने के लिए छाते भी खोलने पड़े तो कई को सीट से उठना पड़ा। ऐसे में यात्रियों को बेहतर परिवहन सेवा मुहैया करवाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यहां तक कि कई रूटों पर माइलेज पूरी कर चुकी बसें आधे रास्ते में ही खड़ी हो जाती हैं। यात्री राजेश कुमार, बुद्धि सिंह, मोहन लाल, सुमित्रा देवी, घनश्याम, रोहित, दिनेश, वीरेंद्र सिंह और अजय श्याम ने बताया कि विधायक नंदलाल के इलाके का यह हाल है तो बाकी जगहों का क्या होगा? उन्होंने बताया कि खस्ताहाल सड़कों पर खटारा बसों को नहीं भेजना चाहिए। उन्होंने सरकार से डिपो के लिए नई बसें भेजने की भी मांग की है।
उधर, परिवहन निगम के आरएम उत्तम चंद ने बताया कि कुछ पुरानी बसों में इस तरह की दिक्कत हो सकती है लेकिन जल्द इनकी मरम्मत करवा ली जाएगी।

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