संसद का पहला ही सत्र होगा हंगामेदार, विपक्ष ने नीट पेपर लीक मामले में सरकार को घेरने की बनाई रणनीति

संसद का पहला ही सत्र होगा हंगामेदार, विपक्ष ने नीट पेपर लीक मामले में सरकार को घेरने की बनाई रणनीति

लोकसभा की शुरुआत सरकार और विपक्ष के बीच टकराव से शुरू होगी। सोमवार से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में विपक्ष ने पेपर लीक सहित कई दूसरे मुद्दों पर एकजुट हो कर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। विपक्ष ने प्रोटेम स्पीकर के पद पर भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब के नियुक्ति को परंपरा की अनदेखी और टकराव मोल लेने की मानसिकता करार दिया है।

गौरतलब है कि सोमवार और मंगलवार को नव निर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी। बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद प्रधानमंत्री सदन को मंत्रियों से परिचित कराएंगे। बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संयुक्त अभिभाषण और  को 28 जून और एक जुलाई को दोनों सदनों में अभिभाषण पर चर्चा कराई जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी दो जुलाई को लोकसभा तो तीन जुलाई को राज्यसभा में चर्चा का जवाब देंगे। विशेष सत्र में प्रश्नकाल और शून्यकाल का प्रावधान नहीं रखा गया है।

पहले दिन प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर उठेगा सवाल
विपक्ष की योजना सोमवार को प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर सवाल उठाने की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस आशय का संकेत देते हुए कहा कि नियुक्ति मामले में वरिष्ठता और परंपरा का उल्लंघन कर सरकार ने पहले ही दिन से टकराव मोल लेने का इरादा जाहिर किया है। नई लोकसभा में कांग्रेस के कोडिकुन्निल सुरेश और वीरेंद्र कुमार सबसे वरिष्ठ हैं। दोनों का यह आठवां कार्यकाल है। चूंकि वीरेंद्र मंत्री बन चुके हैं, ऐसे मं यह जिम्मेदारी सुरेश को दी जानी चाहिए थी। सरकार ने जिन भर्तृहरि महताब को यह जिम्मेदारी दी है, उनका बतौर सांसद यह सातवां कार्यकाल है।

अभिभाषण पर चर्चा के दिन भी हंगामे के आसार

विपक्ष की रणनीति 28 जून को अभिभाषण पर चर्चा के दिन नीट यूजी और यूजीसी नेट के प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में बहस की मांग करने की है। इंडी गठबंधन में शामिल दल इस दिन दोनों सदनों में कार्यस्थगत प्रस्ताव ला कर इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करेंगे। जबकि सरकार की योजना इस विषय पर जुलाई के अंतिम सप्ताह में होने वाले मानसून सत्र में चर्चा कराने की है।
नड्डा होंगे राज्यसभा में सदन के नेता

केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को जल्द ही एक और नई जिम्मेदारी मिलेगी। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में सदन का नेता बनाने का फैसला किया है। इस आशय की आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी। गौरतलब है कि पीयूष गोयल ने उत्तरी मुंबई सीट से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें बीती सरकार की तरह ही इस सरकार में भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। नड्डा के पास वर्तमान में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के साथ रसायन और उर्वरक मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है।  इसके अलावा उनके पास भाजपा अध्यक्ष पद का भी दायित्व है। बतौर अध्यक्ष उनका कार्यकाल 30 जून को खत्म हो रहा है।

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