संजौली हेलीपोर्ट में मई से मिलेगी हेलीटैक्सी सेवा

संजौली हेलीपोर्ट में मई से मिलेगी हेलीटैक्सी सेवा

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली हेलीपोर्ट में मई से हेलीटैक्सी की सेवा शुरू होगी। चंडीगढ़, धर्मशाला और कुल्लू से शिमला हेलीकाप्टर से आने-जाने वाले लोगों और सैलानियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। अभी शिमला से 20 किलोमीटर दूर जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे से हेलीटैक्सी की उड़ानें हो रही हैं। संजौली हेलीपोर्ट का करीब दो माह का निर्माण कार्य शेष है। अप्रैल तक इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। उड़ान योजना के फ्लाइट्स शेड्यूल के लिए भारत सरकार की मंजूरी का इंतजार है। 

पर्यटन विभाग ने केंद्र के पास प्रस्ताव भेजा हुआ है। करीब 14 करोड़ की लागत से संजौली-ढली बाईपास पर हेलीपोर्ट का काम चल रहा है। आपातकाल सेवा सहित सैलानियों की सहूलियत के लिए शिमला शहर के बीच में हेलीपोर्ट बनाने का प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रोजेक्ट की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। बीते दिनों यहां हेलीकाप्टर की सफल लैंडिंग का ट्रायल भी हो चुका है। प्रदेश सरकार का राजधानी शिमला में अपना हेलीपोर्ट न होने के चलते अभी सेना के अनाडेल मैदान में ही मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर उतरता है। संजौली हेलीपोर्ट बनने से सरकार के साथ-साथ सैलानियों को भी सुविधा होगी। पर्यटन निदेशक यूनुस ने बताया कि जल्द संजौली से हेलीटैक्सी सेवा शुरू होगी।

शिमला-चंडीगढ़ के बीच छह दिन चल रही हेलीटैक्सी
अभी जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे से शिमला-चंडीगढ़ के बीच सप्ताह में छह दिन (रविवार को छोड़कर) हेलीटैक्सी चल रही है। गगल के लिए मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और भुंतर के लिए सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को सेवा मिल रही है।

जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे के विस्तारीकरण को रिपोर्ट का इंतजार
जुब्बडुहट्टी हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए हुए सर्वे की रिपोर्ट इसी माह आना संभावित है। यहां 72 सीटर विमान उतारने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम बाधा सीमा सर्वेक्षण (ओएलएस) कर चुकी हैं। इस अड्डे का रनवे करीब 1200 मीटर है। अभी यहां पर 42 सीटर विमान उतरता है। केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार की मांग पर इस अड्डे के विस्तारीकरण को हरी झंडी दे दी है। बड़े हवाई जहाज की सुरक्षित लैंडिंग को 1500 मीटर रनवे जरूरी है।

Related posts