संघर्ष विराम जारी है, जिसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर : सेना अध्यक्ष नरवणे

संघर्ष विराम जारी है, जिसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर : सेना अध्यक्ष नरवणे

जम्मू
भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते के सौ दिन होने पर सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे ने कहा कि अगर स्थिति अनुमति देती है तो जम्मू-कश्मीर में सैनिकों की कमी संभव है। फिलहाल संघर्ष विराम जारी है। जिसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है।

बता दें कि सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे बुधवार को दो दिवसीय कश्मीर दौरे पर पहुंचे। हालात का जायजा लेने के बाद सेना अध्यक्ष ने सुरक्षा और कोरोना महामारी के मोर्चों पर डटे जवानों की पीठ थपथपाई। साथ ही कहा कि सुरक्षा हालात में बेहतरी के लिए प्रशासन, सेना व अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर काम किया है, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद जवान किसी भी चुनौती से निपटने के लिए मुस्तैदी और तैयारी रखें। 

सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे को उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी और चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने सुरक्षा हालात की जानकारी दी। सैन्य कमांडरों ने बताया कि आतंकियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए ओवर ग्राउंड वर्करों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। युवाओं को बरगलाकर आतंकी तंजीम में शामिल करने समेत अन्य गतिविधियों पर नकेल कसी जा रही है। 

सेना अध्यक्ष को बताया गया कि आतंकियों के आत्मसमर्पण के लिए भी विशेष पहल की गई है
सेना अध्यक्ष को बताया गया कि आतंकियों के आत्मसमर्पण के लिए भी विशेष पहल की गई है। उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर पर 25 फरवरी को संघर्ष विराम की सहमति बनी थी। सहमति पर संघर्ष विराम का एलान किया गया था, हालांकि पाकिस्तान ने इस दौरान कुछेक बार सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन भी किया।

एलजी से मुलाकात में स्थायी शांति पर चर्चा 
प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे ने बुधवार की शाम उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की। इस दौरान जम्मू-कश्मीर में स्थायी रूप से शांति बहाली की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। प्रदेश में सुरक्षा प्रबंधों के समक्ष आ रही चुनौतियों और कोरोना महामारी से निपटने के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं पर भी मंथन किया गया।

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