संकट : कैप्टन ने आलाकमान का फैसला तो माना, अपनी शर्तें भी रखीं

संकट : कैप्टन ने आलाकमान का फैसला तो माना, अपनी शर्तें भी रखीं

नई दिल्ली/चंडीगढ़
आलाकमान का संदेश लेकर चंडीगढ़ पहुंचे पंजाब प्रभारी हरीश रावत से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर कांग्रेस नेतृत्व का फैसला मानने को तैयार हो गए हैं।  कैप्टन को अब नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश प्रधान बनाए जाने पर एतराज नहीं है।  सब ठीक रहा तो सोमवार को सिद्धू के लिए पंजाब प्रधान पद पर घोषणा कर दी जाएगी। वहीं, सूत्रों की माने तो सिद्धू की टीम में रखे जाने वाले तीन से चार कार्यकारी प्रधानों का चयन कैप्टन की मर्जी से होगा। 

  सिद्धू के मामले में नेतृत्व के संभावित फैसले से उखड़े कैप्टन ने अब फिर आस्था जताई है। हालांकि कैप्टन सोनिया की तरफ से स्पष्ट आश्वासन दिया गया है कि वे ही सीएम पद के उम्मीदवार होंगे और उन्हीं के नेतृत्व में पार्टी चुनाव लड़ेगी। वहीं, सिद्धू बतौर प्रधान एकतरफा फैसले न लें इसका संतुलन बनाने के लिए उनके साथ दूसरी बिरादरियों को साधने के लिए कैप्टन के सुझाए नामों पर विचार किया जाएगा।

हालांकि, सिसवां फार्म हाउस आवास पर कैप्टन से मुलाकात के बाद हरीश रावत जब मीडिया के सामने आए तो उनके बयान काफी नपे-तुले रहे। रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन आलाकमान का फैसला मानने को सहमत हैं। सिद्धू को प्रधान बनाए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर रावत ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

सूत्रों के अनुसार बातचीत के दौरान कैप्टन ने अपनी मंशा रावत के सामने रख दी है ताकि इसे आलाकमान तक पहुंचाया जा सके। यह भी साफ हो गया है कि कैप्टन आलाकमान का फैसला अनिच्छा से मान रहे हैं।  पंजाब कांग्रेस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अगर प्रधान पद के लिए सिद्धू के नाम का विधिवत एलान हो जाता है तो कैप्टन अपने मंत्रिमंडल में भी फेरबदल करेंगे और इस बार किसे मंत्री बनाना है या किसे कौन का विभाग सौंपना है, सारे फैसले कैप्टन ही लेंगे। इन फैसलों में आलाकमान का कोई दखल नहीं होगा।

सुनील जाखड़ के लिए भी कैप्टन और रावत में हुई चर्चा
सिद्धू को प्रधान बनाए जाने के बाद मौजूदा प्रधान सुनील जाखड़ को प्रदेश कांग्रेस में कौन सी जिममेदारी सौंपी जाएगी, इस संबंध में भी कैप्टन और हरीश रावत के बीच लंबी चर्चा हुई है। कैप्टन किसी भी कीमत पर जाखड़ को अनदेखा किए जाने को तैयार नहीं हैं और उनके मौजूदा रूतबे के हिसाब से नई जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं। हालांकि इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सका।

यह भी गौरतलब है कि सुनील जाखड़ कई मामलों में कैप्टन के फैसलों के खिलाफ भी मुखर रहे हैं। इनमें ड्रग माफिया, बेअदबी कांड और एडवोकेट जनरल अतुल नंदा की नाकामियों के मुद्दे शामिल हैं, जिनका जाखड़ खुला विरोध करते रहे हैं। इसके बावजूद कैप्टन नई बनने वाली प्रदेश इकाई में जाखड़ को सम्मानजनक ओहदे पर बनाए रखना चाहते हैं।

परगट ने कहा
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालने को लेकर हो रही चर्चाओं पर कहा कि मुझे लगता है कि स्थिति अच्छी है। वह मेरा दोस्त है। यहां तक कि उन्हें भी नहीं पता कि कब होगी घोषणा।

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